Islamabad: अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत की सरगर्मियों के बीच पाकिस्तान ने अपनी पूरी कूटनीतिक ताकत झोंक दी है और सुरक्षा व्यवस्था को युद्धस्तर पर सक्रिय कर दिया है। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने एक उच्चस्तरीय अमेरिकी राजनयिक से मुलाकात की है, जिसमें मध्य पूर्व की नाजुक स्थिति, क्षेत्रीय सुरक्षा और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित वार्ता के दूरगामी प्रभावों पर गहन विमर्श किया गया है।
इस राजनयिक सक्रियता के साथ ही पाकिस्तान सरकार ने राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा को लेकर बेहद सख्त कदम उठाए हैं। प्रशासन ने रेड जोन को पूरी तरह सील करते हुए वहां पूर्ण लॉकडाउन लागू कर दिया है, जिसके तहत स्कूल, कॉलेज और तमाम सरकारी व निजी दफ्तरों को आगामी आदेश तक बंद रखने का निर्देश दिया गया है। सरकार का स्पष्ट मानना है कि मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच कोई भी अप्रिय घटना पूरे क्षेत्र के समीकरण बदल सकती है, और ईरान का पड़ोसी देश होने के नाते पाकिस्तान इस प्रक्रिया से सीधे प्रभावित होने के प्रति बेहद सतर्क है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में ईरान के साथ नए सिरे से बातचीत की संभावनाएं चर्चा का विषय बनी हुई हैं। पाकिस्तान न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर चिंतित है, बल्कि वह इस पूरे घटनाक्रम में खुद को एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ या कम से कम दोनों पक्षों के संपर्क सूत्र के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है, ताकि राजधानी में किसी भी तरह के विरोध-प्रदर्शन या सुरक्षा खतरे को पूरी तरह टाला जा सके।
यद्यपि अमेरिका और ईरान की ओर से अभी तक इस वार्ता को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन पाकिस्तान की यह व्यापक तैयारी स्पष्ट संकेत दे रही है कि परदे के पीछे कोई बड़ी राजनयिक गतिविधि चल रही है, जिस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं और स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा रही है।
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