Jamshedpur : जमशेदपुर के मानगो नगर निगम चुनाव में कांग्रेस पार्टी में एक बड़ा राजनीतिक विवाद सामने आया है। मेयर पद की उम्मीदवार जेबा खान को पार्टी ने निलंबित कर दिया है। मामला तब गर्माया जब पार्टी ने पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता की पत्नी सुधा गुप्ता को अपना समर्थन दिया और जेबा खान ने पार्टी के निर्देशों को मानने से इनकार कर दिया।
सुधा गुप्ता को पार्टी का समर्थन, जेबा खान सामने
मानगो में कांग्रेस की तरफ से मेयर पद के लिए दो महत्वपूर्ण चेहरे चुनाव मैदान में हैं। एक तरफ पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता की पत्नी सुधा गुप्ता, जिन्हें पार्टी ने पूरी तरह से समर्थन दिया है। दूसरी तरफ, कांग्रेस नेता फिरोज खान की पत्नी जेबा खान भी मेयर पद के लिए चुनाव लड़ रही हैं। कांग्रेस के अंदर ये मामला इसलिए और बड़ा हो गया क्योंकि एक ही पार्टी से दो अलग-अलग उम्मीदवार आमने-सामने हैं। फिरोज खान ने कहा कि पार्टी ने सुधा गुप्ता को समर्थन देने का निर्णय पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता के कहने पर लिया, जबकि उनकी पत्नी जेबा खान पिछले कई वर्षों से पार्टी की राष्ट्रीय और राज्य स्तर की जिम्मेदारियों संभाल रही हैं।
पार्टी ने जेबा खान को निलंबित किया
इस मामले को लेकर पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कार्यालय, तिलक पुस्तकालय में रविवार देर शाम बैठक हुई। बैठक में तय किया गया कि पार्टी के निर्देश नहीं मानने वाले पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में प्रदेश और जिला के कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। पार्टी ने जेबा खान को तत्काल निलंबित कर दिया। जिला अध्यक्ष परविंदर सिंह ने बताया कि जेबा खान को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा सुधा गुप्ता का समर्थन करने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने यह नहीं माना।
अनुशासनहीनता का आरोप
कांग्रेस झारखंड प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने भी इस मामले में पत्र जारी किया। पत्र में कहा गया कि जेबा खान की कार्रवाई अनुशासनहीन और पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण की गई है। गौरतलब है कि जेबा खान पिछले 10 साल से कांग्रेस से जुड़ी हुई हैं। वह एआईसीसी की राष्ट्रीय प्रवक्ता, एआईएमसी की राष्ट्रीय समन्वयक और झारखंड प्रदेश कांग्रेस की सचिव भी हैं।
पार्टी ने दी स्पष्टीकरण
पार्टी ने साफ किया कि मानगो मेयर चुनाव में सुधा गुप्ता को ही समर्थन मिलेगा और पार्टी की रणनीति के अनुसार सभी कार्यकर्ता उन्हें सहयोग करेंगे। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने बैठक में यह भी कहा कि अनुशासन का पालन हर सदस्य के लिए जरूरी है और किसी भी पार्टी विरोधी कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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