अपना कारोबार शुरू करने का मन है, लेकिन समझ नहीं आ रहा कि शुरुआत कहां से करें? बिजनेस की ट्रेनिंग कहां मिलेगी, सही सलाह कौन देगा और अगर पैसे की जरूरत पड़ी तो बैंक या वित्तीय संस्थान तक कैसे पहुंच बनाएंगे?
महिलाओं की इन्हीं जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार का Women Entrepreneurship Platform (WEP) काम कर रहा है. सरकार ने लोकसभा में 12 अगस्त 2026 को बताया कि WEP से अब तक 1.1 लाख से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स जुड़ चुके हैं.
लेकिन WEP को समझना जरूरी है, क्योंकि यह कोई ऐसी योजना नहीं है जिसमें सीधे आवेदन करके महिला को पैसा या लोन मिल जाए. इसका काम महिलाओं को सही जानकारी, ट्रेनिंग, विशेषज्ञों, वित्तीय संस्थानों और कारोबारी नेटवर्क से जोड़ना है.
सबसे पहले समझिए WEP क्या है?
मान लीजिए किसी महिला के पास बिजनेस का आइडिया है. वह अपना काम शुरू करना चाहती है, लेकिन उसे कारोबार की बुनियादी जानकारी नहीं है. ऐसी स्थिति में WEP अलग-अलग संस्थानों और कार्यक्रमों तक पहुंच बनाने का रास्ता देता है. WEP खुद कोई कारोबार चलाने या सीधे फंड देने के बजाय सरकार, बैंक, वित्तीय संस्थानों, इनक्यूबेटर्स, उद्योग संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों और दूसरे साझेदारों को महिला उद्यमियों से जोड़ता है.
यानी इसे एक ऐसे प्लेटफॉर्म के तौर पर समझा जा सकता है, जहां महिला को अपने कारोबार की जरूरत के हिसाब से सही संसाधन और सही संपर्क तलाशने में मदद मिलती है.
कारोबार शुरू करने से पहले जानकारी चाहिए तो?
किसी भी बिजनेस की शुरुआत सिर्फ पैसे से नहीं होती. यह जानना भी जरूरी है कि कारोबार कैसे शुरू करें, किन चीजों की जरूरत होगी और आगे उसे कैसे बढ़ाया जाए. इसके लिए WEP के Knowledge Portal पर 1,395 क्यूरेटेड संसाधन उपलब्ध हैं. इन संसाधनों के जरिए महिला उद्यमियों को कारोबार और उद्यमिता से जुड़ी जानकारी और अलग-अलग अवसरों तक पहुंचने का रास्ता मिलता है.

बिजनेस शुरू कर लिया, लेकिन सलाह चाहिए तो?
पहली बार कारोबार शुरू करने वाली महिलाओं के सामने एक बड़ी चुनौती होती है—अनुभव की कमी. किसी उत्पाद की कीमत कैसे तय करें? ग्राहक कैसे बढ़ाएं? कारोबार को आगे कैसे ले जाएं? बाजार में अपनी जगह कैसे बनाएं?
इन सवालों के लिए WEP का Mentorship Platform महिला उद्यमियों को मेंटरशिप और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन लेने के अवसर से जोड़ता है.
यहां सबसे जरूरी बात समझना जरूरी है. WEP खुद महिलाओं को सीधे लोन या आर्थिक सहायता नहीं देता. अगर किसी महिला को अपने कारोबार के लिए वित्तीय मदद की जरूरत है, तो WEP का उद्देश्य उसे संबंधित बैंक और वित्तीय संस्थानों तक पहुंच बनाने में मदद करना है. यानी WEP खुद पैसा देने वाली संस्था नहीं, बल्कि महिला उद्यमी और उपलब्ध वित्तीय विकल्पों के बीच कनेक्शन बनाने वाला प्लेटफॉर्म है.
सिर्फ शहरों की महिलाओं के लिए नहीं है यह पहल
महिला उद्यमिता का मतलब सिर्फ बड़ी कंपनी या स्टार्टअप शुरू करना नहीं है. गांव या छोटे शहर में दुकान चलाने वाली महिला भी उद्यमी है. इसका उदाहरण मध्य प्रदेश में देखने को मिलता है. राज्य के विदिशा, रायसेन और बड़वानी जिलों में ग्रामीण महिलाओं को किराना स्टोर का कारोबार शुरू करने और आगे बढ़ाने से जुड़ा कार्यक्रम चलाया जा रहा है.
सरकार के मुताबिक, इस कार्यक्रम के तहत अब तक 120 महिला उद्यमियों को जोड़ा गया है. लोकसभा में सतना समेत मध्य प्रदेश के जिला स्तर के आंकड़ों की जानकारी मांगी गई थी, लेकिन सरकार ने अपने जवाब में सतना के लिए अलग आंकड़ा नहीं दिया.

छात्राओं के लिए भी शुरू किया गया ‘स्वावलंबिनी’
अगर आप अभी कॉलेज में पढ़ रही हैं और भविष्य में अपना कारोबार शुरू करना चाहती हैं, तो आपके लिए भी WEP से जुड़ा कार्यक्रम है. फरवरी 2025 में ‘स्वावलंबिनी- ए वुमन एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम’ शुरू किया गया. इसे शुरुआती तौर पर असम, मेघालय, मिजोरम, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया गया.
इसका लक्ष्य 1,200 छात्राओं को Entrepreneurship Awareness Training देना है. इनमें से 600 छात्राओं को Entrepreneurship Development Programme के तहत आगे कारोबार शुरू करने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाना है. इस कार्यक्रम से सफल होकर निकलने वाली महिला उद्यमियों को WEP के Award to Reward Initiative के तहत पहचान और पुरस्कार देने की भी योजना है.
पांच राज्यों में बनाया गया नेटवर्क
कारोबार में आगे बढ़ने के लिए सिर्फ ट्रेनिंग काफी नहीं होती. दूसरे उद्यमियों से संपर्क, नए अवसरों की जानकारी और सही नेटवर्क भी जरूरी होता है. इसी उद्देश्य से WEP ने अब तक 5 राज्यों में State Chapters शुरू किए हैं. इसके जरिए राज्य स्तर पर महिला उद्यमियों के लिए नेटवर्क और कारोबारी इकोसिस्टम को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है. WEP का Community Platform भी महिलाओं को उद्यमिता से जुड़े नेटवर्क से जोड़ने के लिए काम करता है.
सरकार ने बताया कि IIM अहमदाबाद WEP का multi-year impact assessment और performance evaluation करेगा. इस अध्ययन के जरिए यह पता लगाने की कोशिश होगी कि WEP महिलाओं को कारोबार शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने में वास्तव में कितनी मदद कर रहा है और इसका महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण पर कितना असर पड़ा है.
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