झारखंड के हज यात्रियों के लिए रांची से सीधे हज उड़ान शुरू होने की उम्मीदों को फिलहाल बड़ा झटका लगा है. केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि हज-2027 से रांची को Embarkation Point (हज यात्रियों के लिए प्रस्थान केंद्र) बनाने का अभी कोई प्रस्ताव नहीं है.
दरअसल, सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने लोकसभा में यह मुद्दा उठाया था. उन्होंने पूछा कि आखिर झारखंड के हज यात्रियों को पिछले कुछ वर्षों से कोलकाता से हज यात्रा क्यों करनी पड़ रही है, जबकि इससे उन्हें लंबी दूरी तय करने, अतिरिक्त खर्च उठाने और कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. उन्होंने सरकार से रांची को दोबारा Embarkation Point बनाने की संभावना और हज-2027 से इसकी शुरुआत को लेकर भी सवाल किया.
केंद्र ने कहा- कोलकाता झारखंड के यात्रियों की पहली पसंद
केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने लोकसभा में बताया कि हज यात्री देशभर में अधिसूचित Embarkation Points में से अपनी सुविधा के अनुसार चुनाव कर सकते हैं. आवेदन के दौरान उन्हें दो पसंदीदा Embarkation Points बताने होते हैं. मंत्रालय के अनुसार, कोलकाता लंबे समय से झारखंड के हज यात्रियों का सबसे पसंदीदा Embarkation Point रहा है.
रांची के लिए क्या अड़चन है?
सरकार के मुताबिक, किसी एयरपोर्ट को हज Embarkation Point बनाने का फैसला सिर्फ यात्रियों की संख्या या एयरपोर्ट की मौजूदगी के आधार पर नहीं होता. इसके लिए यात्रियों की मांग, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑपरेशनल व्यवहारिकता और संबंधित हितधारकों से बातचीत जैसे कई पहलुओं को देखा जाता है.
यानी रांची एयरपोर्ट मौजूद होने के बावजूद उसे हज Embarkation Point बनाने का फैसला अभी बाकी है.
हज-2027 पर भी नहीं बनी बात
सांसद के सवाल का सबसे अहम हिस्सा हज-2027 को लेकर था. लेकिन केंद्र ने स्पष्ट कर दिया कि फिलहाल रांची को हज यात्रियों के लिए Embarkation Point के रूप में शुरू करने का कोई प्रस्ताव नहीं है.

इसका मतलब साफ है कि झारखंड के हज यात्रियों को हज-2027 के लिए रांची से सीधे उड़ान की सुविधा मिलने की अभी कोई सरकारी गारंटी नहीं है. रांची को Embarkation Point बनाने की मांग के बीच अब नजर इस बात पर होगी कि राज्य सरकार की ओर से कितनी मजबूत मांग रखी जाती है और रांची एयरपोर्ट की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से जुड़ी सुविधाओं को लेकर केंद्र के स्तर पर क्या पहल होती है.
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