स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पुलिस केंद्र सिमडेगा में आयोजित समारोह में पुलिस अधीक्षक ने ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी. परेड के बाद उन्होंने जिले में अपराध नियंत्रण, नशे के खिलाफ कार्रवाई, मानव तस्करी की रोकथाम, साइबर अपराध पर अंकुश और सामुदायिक पुलिसिंग को लेकर पुलिस की उपलब्धियां गिनाईं. जनवरी 2026 से अब तक विभिन्न मामलों में 310 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.
310 आरोपी गिरफ्तार, नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत जनवरी 2026 से अब तक 12 मामले दर्ज किए गए हैं. इन मामलों में चार पिस्टल, सात जिंदा गोलियां, 232 किलो गांजा, 34.004 किलो अफीम और 7.8 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की गई. वहीं 3.5 एकड़ में की जा रही अवैध अफीम की खेती को नष्ट किया गया. इन मामलों में 41 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया.
उत्पाद अधिनियम के तहत दर्ज चार मामलों में 123.54 लीटर अंग्रेजी शराब और 50 लीटर महुआ शराब बरामद हुई. सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. जिला अपराध शाखा ने जनवरी से अब तक 51 अपराधियों का डोजियर तैयार किया है, जबकि 12 अपराधियों के नाम गुंडा पंजी में दर्ज कर निगरानी की जा रही है. चार मुख्य अपराधियों के खिलाफ सीसीए की कार्रवाई चल रही है.
मानव तस्करी और साइबर अपराध पर पुलिस का फोकस
मानव तस्करी की रोकथाम के लिए जिले में एएचटीयू थाना काम कर रहा है. पुलिस के अनुसार पिछले वर्ष पांच मामलों में तस्करी के शिकार सात बच्चों को रेस्क्यू किया गया और छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. वहीं 49 मामलों में 58 आरोपियों को न्यायालय से सजा दिलाई गई.
साइबर अपराध से निपटने के लिए गठित साइबर सेल ने पिछले छह महीने में स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में 1050 जागरूकता अभियान चलाए. वर्ष 2026 में आईटी एक्ट के तहत दर्ज छह मामलों में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. साइबर ठगी के पीड़ितों को 5,55,766 रुपये वापस कराए गए, जबकि करीब 2.22 लाख रुपये फ्रीज कराकर पीड़ितों को वापस दिलाने की कार्रवाई चल रही है.
पुलिस ने साइबर अपराध को लेकर प्रज्ञा केंद्र संचालकों को भी जागरूक किया है. पुलिस के मुताबिक इसका फायदा यह हुआ कि संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर कई संचालकों ने समय रहते सामुदायिक पुलिस पदाधिकारियों से संपर्क किया और संभावित ठगी को रोका जा सका.

गांवों तक पहुंची पुलिस, 528 मोबाइल लौटाए
सिमडेगा पुलिस ने दूरदराज के गांवों और टोलों तक पहुंच बनाने के लिए ग्राम भ्रमण कार्यक्रम शुरू किया है. प्रत्येक थाना और ओपी में एक पुलिस पदाधिकारी को सामुदायिक पुलिस पदाधिकारी के रूप में चिह्नित किया गया है. ये पदाधिकारी गांवों में डायन प्रथा, साइबर अपराध और मानव तस्करी के खिलाफ जागरूकता फैलाने के साथ सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए जिला प्रशासन के साथ समन्वय करते हैं.
इस अभियान के तहत अब तक 1293 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं और 220 लोगों के पेंशन संबंधी कार्य कराए गए हैं. महाबुआंग थाना क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बानो के सहयोग से लगाए गए चिकित्सा शिविर में करीब 300 से 400 ग्रामीण पहुंचे. इनमें 130 लोगों की सामान्य स्वास्थ्य जांच, 60 लोगों की आंखों की जांच की गई और 16 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए.
जनसंवाद कार्यक्रम के तहत जनवरी 2026 से अब तक 133 आवेदन मिले हैं, जिनमें 129 का निष्पादन किया जा चुका है. दूरदराज के बुजुर्गों, दिव्यांगों, किसानों और अन्य लोगों के लिए e-Jansamadhan की सुविधा भी शुरू की गई है.
सिमडेगा पुलिस ने पिछले एक वर्ष में 528 गुम या खोए मोबाइल फोन बरामद कर उनके धारकों को वापस किए हैं. पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अपराध नियंत्रण केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है. जनता के सहयोग के बिना पुलिस पूरी तरह सफल नहीं हो सकती. उन्होंने लोगों से अपराधियों का साथ नहीं देने और किसी भी आपराधिक गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की.

समारोह के दौरान बेहतर पुलिसिंग, उत्कृष्ट कार्य और अपराध नियंत्रण में योगदान के लिए सात पुलिस अवर निरीक्षक, तीन सहायक अवर निरीक्षक और 10 आरक्षियों समेत कुल 20 पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. समारोह में उपायुक्त, जिला वन पदाधिकारी, वरीय पुलिस उपाधीक्षक, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी समेत जिला एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे.
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