रांची. 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मोरहाबादी मैदान से राज्य के युवाओं को बड़ा भरोसा दिया. उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता से केवल एक परीक्षा प्रभावित नहीं होती, बल्कि पूरी पीढ़ी का भविष्य और व्यवस्था पर युवाओं का विश्वास प्रभावित होता है. सरकार युवाओं की मेहनत को माफिया और भ्रष्ट तंत्र के भरोसे नहीं छोड़ेगी. दोषी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, प्रमाण मिलने पर उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.
परीक्षा माफिया और भ्रष्ट तंत्र पर सख्ती का भरोसा
हेमंत सोरेन ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं को लेकर पिछले कुछ समय में कई सवाल उठे हैं. सरकार के लिए झारखंड का युवा, उसका भविष्य और उसका विश्वास सबसे महत्वपूर्ण है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. हालांकि बिना प्रमाण किसी को दोषी ठहराने की राजनीति भी नहीं होगी. न्याय निष्पक्ष तरीके से किया जाएगा.
परीक्षा कैलेंडर से OMR तक बदलाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य समय पर परीक्षा कैलेंडर जारी करना, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुरक्षित परीक्षा प्रणाली लागू करना, उत्तर कुंजी और OMR शीट समय पर उपलब्ध कराना तथा परीक्षा प्रक्रिया में बहुस्तरीय जवाबदेही तय करना है. उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता अपवाद नहीं, बल्कि नियम होनी चाहिए.
जल-जंगल-जमीन से विकास का नया मॉडल
स्वतंत्रता दिवस संबोधन में हेमंत सोरेन ने बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, तिलका मांझी, फूलो-झानो, नीलांबर-पीतांबर और शहीद शेख भिखारी समेत झारखंड के अमर शहीदों को नमन किया. साथ ही दिशोम गुरु शिबू सोरेन के जल, जंगल, जमीन, आदिवासी अस्मिता और झारखंड निर्माण के संघर्ष को भी याद किया.
उन्होंने कहा कि झारखंड की पहचान केवल खनिज संपदा से नहीं होनी चाहिए. विकास में मानव संसाधन, प्राकृतिक संसाधन और सांस्कृतिक विरासत के बीच संतुलन जरूरी है. लाह, कसर, बांस, औषधीय पौधों और लघु वनोपज को मूल्यवर्धन, ब्रांडिंग और बाजार से जोड़कर ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने पर जोर दिया.
अगले 25 वर्षों की ताकत होंगे झारखंड के युवा
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड स्थापना के 25वें वर्ष में नए पड़ाव पर खड़ा है. अगले 25 वर्षों के झारखंड की सबसे बड़ी ताकत युवा होंगे. उनकी शिक्षा, कौशल, आत्मविश्वास और सपने राज्य की असली पूंजी हैं.

उन्होंने कहा कि रोजगार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है. लक्ष्य केवल सरकारी रिक्तियां भरना नहीं, बल्कि उद्योग, कृषि, डेयरी, पर्यटन समेत दूसरे क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करना है. ऐसा झारखंड बनाना है जहां हर बच्चे को अच्छी शिक्षा, हर युवा को सम्मानजनक रोजगार और हर झारखंडी को अपनी भाषा, संस्कृति और परंपरा पर गर्व के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिले.
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