जोहार लाइव ब्यूरो
जेपीएससी-14 घोटाले में पीटी पास करनेवाले बड़कागांव निवासी सुमन सौरभ के बयान से चौंकानेवाला खुलासा हुआ है. सुमन सौरभ ने बताया है कि ग्रैजुएट होने के बाद मैं 2020 से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था. मैंने दो बार जेपीएससी सातवीं, ग्यारहवीं परीक्षा के अलावा जेएसएससी-सीजीएल 2023 की परीक्षा में मेरे बहुत सारे जान पहचान वालों का चयन हो गया था. लेकिन मेरा नहीं हुआ. जिसके कारण मैं बहुत परेशान था. हर जगह चर्चा चल रही थी कि बिना सेटिंग और रुपया दिए चयन नहीं होगा.
इसी दौरान मेरे दोस्त दिवाकर कुमार के मामा प्रकाश कुमार जो हरली हजारीबाग का रहनेवाला है और एनटीपीसी एवं अन्य जगह पर लोगों को अऩुबंध के आधार पर काम लगवाते हैं, से मेरी जान-पहचान हुई. तब मैंने उनसे कहा कि बहुत दिनों से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा हूं, लेकिन सफलता नहीं मिल रही. अगर आपका कोई जान-पहचान है तो कोई जुगाड़ लगाइए. इसके बाद उन्होंने मेरी मुलाकात पवन कुमार से कराई. पवन कुमार ने मुझसे कहा कि 14वीं जेपीएससी का वैकेंसी निकला है, उसमें परीक्षा पास कराने का गारंटी लेता हूं. इसके एवज में 80 लाख रुपया देना होगा.
आगे पवन ने कहा कि जेपीएससी पीटी पास कराने पर 20 लाख रुपए और बाद में मेंस पास कराने पर 40 लाख रुपए और फाइनल इंटरव्यू कराने पर 20 लाख रुपए लगेगा. यह पैसा किश्तों में देना था. इसलिए मैं तैयार हो गया और 14वीं जेपीएससी का फॉर्म भरा. पवन ने कहा था कि जो भी क्वेश्चन का आंसर तुम्हें सही से मामूल हो, उसे ही भरना, बाकि को खाली छोड़ देना. ताकि उसमें सही उत्तर भर कर रिजल्ट निकाल दिया जाएगा.
परिणाम आऩे के बाद दिया 4 लाख, पहले 12 लाख
सीआईडी को पूछताछ में सुमन ने आगे बताया है कि 19 अप्रैल 2026 को मैं परीक्षा देने सरस्वती विद्या मंदिर बोकारो सेंटर गया था. प्रथम पाली में मैंने मात्र 38 क्वेश्चन का जवाब बनाया और ओएमआर शीट को खाली छोड़ दिया था. इसी प्रकार दूसरे पाली में 48 क्वेश्चन का जवाब बनाकर बाकि ओएमआर शीट खाली छोड़ दिया था. बाद में अपना रोल नंबर और कार्बन कॉपी पवन सिंह को दे दिया था.
पीटी परीक्षा देने के बाद पवन सिंह द्वारा पहला किश्त मांगे जाने पर अपने पिता के अकाउंट से पवन सिंह के एक्सिस बैंक रांची के अकाउंट में चार किश्तों में कुल 12 लाख रुपए ट्रांसफर किया था. इसके बाद दो जुलाई 2026 को परिणाम आने के बाद अपने पिता के अकाउंट से 4 लाख रुपए ट्रांसफर किए. हालांकि सीआईडी इस बयान को सत्यापित करने केलिए और मनी ट्रेल के बारे में पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है. जांच के दौरान सीआईडी की ओर से संबंधित बैंक अधिकारियों को पत्राचार कर साक्ष्य एकत्र करने का प्रयास किया जाएगा.

रिजल्ट आने के बाद जब मेरा ओएमआर शीट सोशल मीडिया में वायरल होने लगा, तब मेरे मौसेरे भाई पप्पू कुमार ने इस बात की जानकारी मुझे दी. तब मैंने फिर से पवन कुमार से फोन पर बातचीत की थी.
इन 13 छात्रों ने परीक्षा पास कराने के लिए दिया था शैक्षणिक प्रमाणपत्र
सीआईडी की पूछताछ में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि पैसा देकर पास करनेवाले 11 छात्रों के अलावा 13 वैसे भी छात्र हैं, जिन्होंने जेपीएससी पीटी-14 की परीक्षा पास करने के लिए बुद्धेश्वर भगत के पास अपने शैक्षणिक प्रमाणपत्र जमा करवाए थे. इनमें अंजनी कुमार, शिवम कुमार, आबिद, शंभू कुमार पंडित, राकेश कुमार, विकास कुमार निराला, आर्यन राज, लकी आयुष, आकांक्षा सिन्हा, पल्लवी कुमारी, रविशेक कुमार और रविंद्र कुमार शामिल हैं.
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