स्वतंत्रता दिवस के मौके पर JPSC-JSSC अभ्यर्थी आंदोलन में उस समय नया विवाद खड़ा हो गया, जब सदर अस्पताल में इलाजरत छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचकर झंडोत्तोलन और तिरंगा यात्रा में शामिल होने की कोशिश की. मंच का आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने उन्हें अस्पताल से बाहर निकलने से रोक दिया. वहीं, आंदोलन के बीच JPSC-JSSC अभ्यर्थी न्याय मंच के संस्थापक रामावतार महतो ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में झंडोत्तोलन किया.
देवेंद्र बोले- धक्का-मुक्की में सीने में लगी चोट
मंच की ओर से जारी प्रेस सूचना के मुताबिक, देवेंद्र नाथ महतो पिछले 14 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और फिलहाल सदर अस्पताल में इलाजरत हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि स्टेडियम जाने के दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की और धक्का-मुक्की की, जिससे उनके सीने में चोट लगी. उनका कहना है कि उनके साथ मौजूद साथियों के साथ भी पुलिस ने मारपीट की. देवेंद्र ने कहा कि वह जनता के अधिकार और न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं और रोककर उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता.
देवेंद्र ने यह भी कहा कि यदि उन्हें अस्पताल से बाहर नहीं निकलने दिया गया तो वह अपने कमरे के गेट के बाहर ही बैठकर अपनी बात रखेंगे. मंच का दावा है कि रात में अस्पताल के ग्रिल गेट पर ताला लगाया गया था और शनिवार को पुलिस बल भी बढ़ा दिया गया.
रामावतार महतो ने फहराया तिरंगा, शांतिपूर्ण फ्लैग मार्च की अपील
इधर, जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में रामावतार महतो ने स्वतंत्रता दिवस पर झंडोत्तोलन किया. इसके बाद उन्होंने आंदोलनरत अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें रखने की अपील की. उन्होंने छात्रों से अनुशासन बनाए रखने और शांतिपूर्ण फ्लैग मार्च में शामिल होने का आह्वान किया.
रामावतार महतो ने देवेंद्र नाथ महतो को झंडोत्तोलन कार्यक्रम में कथित तौर पर रोके जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार सभी को है. उन्होंने केंद्र सरकार की खनन नीति पर भी आपत्ति जताई और झारखंड के जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा से जुड़े मामलों में राज्यहित और जनहित को प्राथमिकता देने की मांग की. उन्होंने कहा कि युवाओं और अभ्यर्थियों से जुड़े मुद्दों का समाधान संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए किया जाना चाहिए.
Also Read : नक्सलवाद की कमर टूटी, अपराध पर कसा शिकंजा: झारखंड पुलिस ने गिनाईं 2026 की बड़ी उपलब्धियां



