Jamtara (Rajiv JHa) : बंगाली समुदाय का विशेष पर्व सिझानो जिलेभर में उत्सव के रंग भर रहा है। शिक्षण संस्थानों और गली-मोहल्लों में बच्चों और छात्रों के बीच सरस्वती पूजा की तैयारियों के साथ ही बाजार में सिझानो पर्व को लेकर भी खास हलचल देखी जा रही है। सिझानो पर्व बंगाली समुदाय में विशेष महत्व रखता है। इस दिन महिलाएं नहा-धोकर भोजन बनाती हैं और अगले दिन पूरे परिवार और रिश्तेदारों के साथ इसे साझा किया जाता है। इसके अलावा, बंधु-बंधावों को आमंत्रित करके भोजन कराने का भी रिवाज है।
मछली की भरमार और बाजार की गहमागहमी
सिझानो पर्व में मछली का विशेष स्थान है। शुक्रवार को बाजार में विभिन्न प्रकार की मछलियों की भरमार रही। मांग अधिक होने के कारण मछली के भाव में भी तेजी देखी गई। लोग अपनी पसंद के हिसाब से खरीदारी में व्यस्त दिखाई दिए।
संथाल परगना क्षेत्र में खास उत्साह
संथाल परगना क्षेत्र में बांग्ला भाषियों की संख्या अधिक होने के कारण इस पर्व पर गहमागहमी ज्यादा दिखाई दे रही है। इस दिन घरों में बासी भोजन खाने का रिवाज है और चूल्हा नहीं जलाया जाता।
मां शष्टि की पूजा और विशेष प्रसाद
समाजसेवी देवव्रत सरकार ने बताया कि सिझानों पर्व पर मुख्य रूप से मां शष्टि की पूजा की जाती है। इसके लिए विशेष प्रसाद तैयार किया जाता है, जिसे अलग-अलग नामों से जाना जाता है, जैसे कलाई सिद्धो या मां शष्टी भोग। इस प्रसाद में कई प्रकार के साबूत दलहन मिलाकर बनाया जाता है और मुख्य प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं को दिया जाता है।
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