Johar Live Desk : भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को कमजोर शुरुआत के साथ खुला। रुपये में गिरावट और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार पर दबाव बढ़ा दिया। शुरुआती कारोबार में रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर 90.56 प्रति अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया। इससे पूंजी बहिर्वाह और महंगाई की चिंताओं ने निवेशकों की धारणा प्रभावित की।
आज का कारोबार सप्ताहिक एफ एंड ओ (F&O) एक्सपायरी के साथ शुरू हुआ, जिससे ट्रेडरों में सतर्कता और बढ़ गई। विशेषज्ञों का कहना है कि डॉलर की मजबूती और रुपये की गिरावट ने निवेशकों को सचेत कर दिया है। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, सेंसेक्स 84,958 पर खुला, जो 148 अंक या 0.17% की गिरावट दर्शाता है। वहीं, निफ्टी 25,953 पर खुला, जिसमें 33 अंक या 0.13% की कमी दर्ज की गई।
सुबह के कारोबार में अधिकांश बड़े शेयर लाल निशान में रहे। एचयूएल, टाइटन, आईसीआईसीआई बैंक, पावर ग्रिड, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फिनसर्व, टाटा मोटर्स और एचडीएफसी बैंक जैसे लार्जकैप शेयर गिरावट में थे। सिर्फ कुछ चुनिंदा कंपनियों ने लाभ बनाए रखा। आईटी कंपनियाँ टीसीएस, एचसीएल टेक, इंफोसिस और टेक महिंद्रा मजबूत डॉलर के असर से टॉप गेनर्स में रहीं। इसके अलावा एशियन पेंट्स और भारती एयरटेल ने भी हल्की बढ़त के साथ कारोबार शुरू किया।
ब्रॉडर मार्केट में मिश्रित रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.17% ऊपर जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.07% नीचे खुला। विशेषज्ञों का कहना है कि हालिया दबाव का मुख्य कारण रुपये की तेज गिरावट है। रुपया 90 के स्तर को पार करने के बाद आयातित वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे कंपनियों की लागत और आम जनता के खर्च पर असर पड़ सकता है। तेल, गैस और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना निवेशकों को सतर्क कर रही है।
विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक संकेत अभी भी अनिश्चित हैं, इसलिए बाजार में आज उतार-चढ़ाव और सतर्क कारोबार जारी रहने की संभावना है।
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