रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले की 5 अक्टूबर को प्रस्तावित सुनवाई अब 7 अक्टूबर को होगी. सुनवाई की तारीख आगे बढ़ने के बीच जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच से जुड़े छात्रों ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अभियान शुरू किया है.
छात्रों से सोमवार दोपहर 12 बजे से #submitcidnote और #submitcancellationmemo हैशटैग के साथ अधिक से अधिक पोस्ट करने की अपील की गई थी. अभियान में सीआईडी जांच रिपोर्ट और परीक्षा रद्द करने से संबंधित आदेश को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष जमा कराने की मांग उठाई जा रही है. छात्रों के बीच अभियान के लिए यह नारा भी साझा किया गया है- “एक कचौड़ी दो समोसा, बिना सीआईडी नोट के सरकार के एफिडेविट का नहीं है भरोसा.”
7 अक्टूबर की सुनवाई पर नजर
28 सितंबर को हुई पिछली सुनवाई के दौरान मामले की सुनवाई कर रही तीन सदस्यीय पीठ के सदस्य जस्टिस वी. मोहना के सुनवाई से अलग होने की जानकारी सामने आई थी. इसके बाद अगली सुनवाई के लिए 5 अक्टूबर की तारीख तय हुई थी, जिसे अब 7 अक्टूबर कर दिया गया है. सुप्रीम कोर्ट की सूची में मामले के लिए चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ दर्ज है.
क्या है मामला
सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन ने अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. इसमें जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है. याचिका में सीबीआई जांच अथवा किसी सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में विशेष जांच की मांग की गई है.
जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच भी सुप्रीम कोर्ट में हस्तक्षेप आवेदन दाखिल करने वालों में शामिल है. अब 7 अक्टूबर की सुनवाई से पहले मंच से जुड़े छात्रों का सोशल मीडिया अभियान सीआईडी जांच से संबंधित दस्तावेजों और परीक्षा रद्द करने से जुड़े आदेश को अदालत के समक्ष रखने की मांग पर केंद्रित है.


