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    Home»जोहार ब्रेकिंग»सिमडेगा के आम पहुंचे लंदन, बिरसा हरित ग्राम योजना ने लिखी सफलता की नई कहानी
    जोहार ब्रेकिंग

    सिमडेगा के आम पहुंचे लंदन, बिरसा हरित ग्राम योजना ने लिखी सफलता की नई कहानी

    Rudra ThakurBy Rudra ThakurJune 9, 2026No Comments4 Mins Read
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    Simdega : झारखंड के लिए यह गर्व का क्षण है। सिमडेगा जिले में उगाए गए आम्रपाली आम अब अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने लगे हैं। सीएम हेमंत सोरेन की महत्वाकांक्षी बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत तैयार आमों की पहली व्यावसायिक खेप यूनाइटेड किंगडम (लंदन) के लिए रवाना की गई है। पहली खेप में 1322 किलोग्राम यानी 1.32 टन आम भेजे गए हैं। इसे झारखंड के कृषि और बागवानी क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।

    कोरोना काल में शुरू हुई थी योजना

    बिरसा हरित ग्राम योजना की शुरुआत उस समय की गई थी जब कोरोना महामारी के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका प्रभावित हुई थी। ग्रामीण परिवारों को रोजगार और आय का स्थायी साधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार ने फलदार पौधों की बागवानी को बढ़ावा दिया। आज उसी योजना का परिणाम सामने आ रहा है।

    सिमडेगा जिले में वर्ष 2019-20 से 2024-25 के बीच 12 हजार से अधिक किसानों ने करीब 10,500 एकड़ भूमि पर आम्रपाली, मल्लिका और लंगड़ा किस्म के आम के पौधे लगाए। वर्षों की मेहनत के बाद अब इन बागानों से तैयार फल अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच रहे हैं।

    किसानों को मिला बेहतर बाजार

    पिछले वर्ष जिले में आम का अच्छा उत्पादन हुआ था, लेकिन बाजार और खरीदारों की कमी के कारण किसानों को उचित कीमत नहीं मिल पाई थी। इस बार जिला प्रशासन ने किसानों की समस्या को गंभीरता से लिया और लगातार बायर्स-सेलर्स मीट का आयोजन कराया। कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के सहयोग से किसानों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उत्पादन और पैकेजिंग की जानकारी दी गई। निर्यात के लिए जरूरी फाइटोसैनिटरी मानकों को पूरा करने के लिए विशेष प्रशिक्षण भी आयोजित किया गया।

    महिलाओं ने संभाली बड़ी जिम्मेदारी

    इस सफलता में महिला किसानों और सखी मंडलों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। सिमडेगा जिले में करीब 7,500 सखी मंडल सक्रिय हैं, जिनसे 93 हजार महिलाएं जुड़ी हुई हैं। आम उत्पादन, छंटाई, पैकिंग और विपणन की प्रक्रिया में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। पहली निर्यात खेप भेजने में सदर प्रखंड की महिला जागृति फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड और बानो प्रखंड की बेउरा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड ने अहम भूमिका निभाई। वर्तमान में छह किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के लगभग 300 किसान इस निर्यात श्रृंखला से जुड़े हुए हैं।

    अब यूरोप तक पहुंचेगा सिमडेगा का आम

    जिला प्रशासन ने इस सीजन में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कुल 81 टन आम बेचने का लक्ष्य निर्धारित किया है। अधिकारियों के अनुसार जल्द ही आम की दूसरी खेप भी यूके भेजी जाएगी, जबकि एक अन्य खेप यूरोपीय देशों के लिए रवाना होगी। इसके अलावा घरेलू बाजार में भी किसानों के लिए नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। रिलायंस मार्ट के साथ मार्केट लिंकेज स्थापित किया गया है, जिससे किसानों को अपने उत्पाद बेचने के लिए बेहतर मंच मिलेगा।

    2.15 लाख परिवारों को मिला रोजगार

    बिरसा हरित ग्राम योजना केवल सिमडेगा तक सीमित नहीं है। यह योजना पूरे झारखंड में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम बन रही है। राज्य में अब तक 1.86 लाख एकड़ भूमि पर बागवानी आधारित वृक्षारोपण किया जा चुका है। इससे लगभग 2.15 लाख ग्रामीण परिवारों को सीधे रोजगार और आय का स्थायी स्रोत मिला है। वित्तीय वर्ष 2021-22 तक लगाए गए पौधों में से करीब 52 हजार एकड़ क्षेत्र अब पूरी तरह फल उत्पादन के लिए तैयार हो चुका है।

    50 हजार मीट्रिक टन उत्पादन की उम्मीद

    राज्य सरकार का अनुमान है कि इस वर्ष हार्वेस्टिंग के लिए तैयार क्षेत्र से कम से कम 50 हजार मीट्रिक टन फलों का उत्पादन होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह बाजार और निर्यात की सुविधाएं बढ़ती रहीं तो आने वाले वर्षों में झारखंड देश के प्रमुख फल निर्यातक राज्यों में शामिल हो सकता है।

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    Simdega's mangoes reach London; Birsa Harit Gram Yojana scripts a new success story. बिरसा हरित ग्राम योजना ने लिखी सफलता की नई कहानी सिमडेगा के आम पहुंचे लंदन
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