Ranchi : झारखंड राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कृषि उत्पादन बाजार समिति, रांची के बाजार पर्यवेक्षक साधन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने नियमों को नजरअंदाज करते हुए करोड़ों रुपये का भुगतान कर दिया।
नियमों को दरकिनार कर जारी कर दिया 4 करोड़
मामला काफी चौंकाने वाला है। आदेश के मुताबिक, साधन कुमार को पहले ही वित्तीय कार्यों से रोका गया था और उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा गया था। इसके बावजूद उन्होंने चेक के जरिए करीब 4 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया। सबसे बड़ी बात यह है कि उन्हें सिर्फ 10 हजार रुपये तक का ही चेक जारी करने का अधिकार था। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर इतनी बड़ी रकम कैसे और किसके निर्देश पर जारी कर दी गई।
होल्डिंग टैक्स के नाम पर किया गया भुगतान
जानकारी के अनुसार, यह रकम नगर निगम को बकाया होल्डिंग टैक्स के रूप में दी गई है। लेकिन इसके लिए जरूरी अनुमति नहीं ली गई थी। बोर्ड अध्यक्ष रवींद्र सिंह ने अपने आदेश में साफ कहा है कि यह पूरी तरह स्वेच्छाचारिता और वित्तीय अनियमितता का मामला है।
हाईकोर्ट के आदेश की भी अनदेखी
आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस कार्रवाई से हाईकोर्ट के निर्देशों की अवहेलना हुई है। साथ ही इसे गंभीर अनुशासनहीनता माना गया है।
सेवा नियम के तहत निलंबन
साधन कुमार का निलंबन झारखंड राज्य कृषि विपणन बोर्ड सेवा विनियमावली 1978 के विनियम 153 (आई) के तहत किया गया है। निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय कृषि उत्पादन बाजार समिति, चाईबासा तय किया गया है। उन्हें बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर ही जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
आगे होगी विभागीय कार्रवाई
बोर्ड ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जल्द से जल्द आरोप पत्र तैयार किया जाए और विभागीय कार्रवाई शुरू की जाए। इस आदेश की प्रति मुख्य सचिव, कृषि विभाग के सचिव, प्रबंध निदेशक और संबंधित बैंक शाखा को भी भेज दी गई है।
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