Jamshedpur : प्रोपेन की कमी से जूझ रहे टाटा मोटर्स के जमशेदपुर प्लांट को बड़ी राहत मिली है। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी गेल (इंडिया) लिमिटेड ने महज 9 दिनों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सप्लाई शुरू कर दी। इससे प्लांट के बंद होने का खतरा टल गया और उत्पादन सामान्य बना रहा।
9 दिनों में पूरा हुआ बड़ा काम
आमतौर पर इस तरह के काम में कई हफ्ते लग जाते हैं, लेकिन गेल की टीम ने रिकॉर्ड समय में इसे पूरा कर दिखाया। समझौते पर हस्ताक्षर से लेकर पाइपलाइन बिछाने और गैस की कमीशनिंग तक, पूरी प्रक्रिया सिर्फ 9 दिनों में पूरी कर ली गई। इस दौरान टीम ने दिन-रात काम किया, ताकि प्लांट को समय पर गैस मिल सके और उत्पादन पर असर न पड़े।
संकट के बीच तेजी से लिया गया फैसला
टाटा मोटर्स प्लांट में प्रोपेन की कमी से कामकाज प्रभावित होने का खतरा था। ऐसे में गेल ने तुरंत पहल करते हुए PNG सप्लाई का विकल्प तैयार किया। इस तेज कार्रवाई ने न सिर्फ एक बड़े औद्योगिक संकट को टाल दिया, बल्कि यह भी दिखाया कि सही समन्वय से मुश्किल हालात को जल्दी संभाला जा सकता है।
अब क्षेत्र का दूसरा बड़ा PNG प्लांट
इस उपलब्धि के साथ टाटा मोटर्स, टाटा स्टील के कोम्बी मिल के बाद इस क्षेत्र का दूसरा बड़ा प्लांट बन गया है, जो गेल की प्राकृतिक गैस पर चल रहा है। कोम्बी मिल अक्टूबर 2025 से PNG का इस्तेमाल कर रहा है।
क्लीन एनर्जी की दिशा में अहम कदम
गेल के महाप्रबंधक सह जीए इंचार्ज गौरी शंकर मिश्रा ने बताया कि यह सफलता दोनों कंपनियों के बेहतर तालमेल का नतीजा है। इस मौके पर टाटा मोटर्स के महाप्रबंधक गोलाम मण्डल और टाउन एडमिनिस्ट्रेशन के रजत सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि अब कंपनी घरेलू और व्यावसायिक कनेक्शन के साथ-साथ औद्योगिक सेक्टर में भी तेजी से विस्तार कर रही है।
जल्द जुड़ेंगे और बड़े उद्योग
गेल ने संकेत दिया है कि आने वाले कुछ हफ्तों में पांच और बड़े उद्योगों को PNG नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इससे इलाके में क्लीन एनर्जी का इस्तेमाल बढ़ेगा और उद्योगों को भी स्थिर और सस्ता विकल्प मिलेगा।
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