Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • जेपीएससी / जेएसएससी
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    • होम
    • जेपीएससी / जेएसएससी
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Home»देश»लाओस की यात्रा पर पीएम मोदी, ये देश भारत के लिए हैं बेहद खास
    देश

    लाओस की यात्रा पर पीएम मोदी, ये देश भारत के लिए हैं बेहद खास

    Team JoharBy Team JoharOctober 10, 2024No Comments3 Mins Read0
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को लाओस के दो दिवसीय दौरे पर रवाना हो गए हैं. पीएम मोदी इस दौरान 21वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन और 19वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भी भाग लेंगे. लाओस आसियान की अध्यक्षता कर रहा है. पीएम मोदी की लाओस यात्रा के बीच ये जानना जरूरी है कि आखिर भारत के लिए आखिर ये छोटा सा देश रणनीतिक रूप से क्यों इतना जरूरी है. भारत-लाओस के संबंध कैसे हैं और भारत के लिए इसे प्राथमिकता देना क्यों जरूरी है.

    लाओस क्यों भारत के लिए जरूरी

    लाओस की कुल आबादी 77 लाख के करीब है. लेकिन यह दक्षिण पूर्व एशिया में एकमात्र लैंडलॉक देश है. रणनीतिक रूप से यह इसलिए अहम है क्योंकि लाओस की सीमा उत्तर-पश्चिम में म्यांमार और चीन, पूर्व में वियतनाम, दक्षिण-पूर्व में कंबोडिया और पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम में थाईलैंड से लगती है. चीन और म्यांमार से घिरे होने के कारण भारत के लिए इस देश की रणनीतिक महत्ता बढ़ जाती है. दरअसल, दक्षिण पूर्व एशिया में अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण, लाओस हमेशा से व्यापारिक नजरिए से भी अहम रहा है. यही कारण है कि इसपर कभी फ्रांस ने तो कभी जापान ने कब्जा जमाया. 1953 में जब लाओस को आजादी मिली तो चीन ने भी लाओस में अपने प्रभाव को आजमाना शुरू किया. भारत-लाओस के बीच संबंध फरवरी 1956 में स्थापित हुए थे यानी की लाओस की आजादी के 3 साल बाद ही उसकी रणनीतिक जरूरत को देखते हुए भारत ने संबंध स्थापित किए. लाओस की अहमियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1954 में लाओस का दौरा किया था, जबकि भारत के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने 1956 में लाओस का दौरा किया था. दरअसल, दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती विस्तारवादी नीतियों के चलते भारत लाओस को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानता है. लाओस की मेकांग नदी यहां के कार्गो और यात्रियों के परिवहन का प्रमुख मार्ग है. लाओस इस नदी पर बिजली बनाकर अपने पड़ोसी देशों को सप्लाई भी करता है. साल 2008 में भारत ने लाओस में एयर फोर्स एकेडमी खोलने का फैसला लिया था. लाओस की सेना को भारत की ओर से समय-समय पर आधुनिक तकनीक सौंपी गई है. सिंचाई और विद्युत परियोजनाओं के लिए भी भारत ने कई बड़े ऐलान किए हैं. साइंस टेक्नोलॉजी और ट्रेड से संबंधित कई समझौते दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत बनाते हैं.

    भारत के लिए मजबूती से खड़ा रहा है लाओस

    कई ऐसे उदाहरण हैं जब लाओस ने भारत का खुलकर साथ दिया है. लाओस संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनने के भारत के प्रयासों का समर्थन करता रहा है. राम मंदिर उद्घाटन के वक्त भी लाओस ने राम लला पर एक डाक टिकट जारी किया था. ऐसा करने वाला वह दुनिया का पहला देश था. कोरोना के समय भी भारत ने लाओस की मदद की थी. जिसकी लाओस की ओर से खूब तारीफ की गई थी.

    1953 1956 77 लाख आजादी आधुनिक तकनीक आबादी एयर फोर्स एकेडमी कंबोडिया चीन जापान ट्रेंड थाईलैंड दक्षिण चीन सागर दक्षिण पूर्व एशिया नेहरू फ्रांस बिजली भारत-लाओस संबंध मेकांग नदी म्यांमार रणनीतिक महत्ता राजेंद्र प्रसाद लाओस लैंडलॉक विद्युत परियोजनाएं वियतनाम व्यापारिक समझौते. साइंस टेक्नोलॉजी सिंचाई सेना
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous ArticleHappy Birthday Rekha : “रेखा विधवा होने के बाद भी क्यों लगाती हैं सिंदूर?” जब राष्ट्रपति ने पूछा ये सवाल तो रेखा को देना पड़ा जवाब
    Next Article जमीन विवाद में पत्थर से कूचकर अधेड़ की हत्या, इलाके में सनसनी

    Related Posts

    जोहार ब्रेकिंग

    वॉर इंजरी पेंशन पर केंद्र की नहीं चली, सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सैनिक के हक में सुनाया फैसला

    October 28, 2026
    क्राइम

    जोहार लाइव इंवेस्टिगेशन भाग-2: कोई कबाड़ी खरीद रहा, कोई है दर्जी, तो कोई बना जमीन कारोबारी, पड़ताल अल-कायदा इन इंडियन सब कॉन्टिनेंट के 44 संदिग्ध, आरोपी व जेल में बंद तथाकथित आतंकियों की

    October 28, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    डेटा प्रोटेक्शन कानून को चुनौती, अंबानी-अडानी समूह से जुड़ी मीडिया कंपनियां भी शामिल

    October 27, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    महारैली से पहले रामलीला मैदान पहुंचे वेणुगोपाल, दिल्ली में जुटेंगे INDIA ब्लॉक के 21 दल

    October 27, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    खरगे की ‘बाप’ वाली टिप्पणी पर सियासी घमासान, बीजेपी का देशव्यापी प्रदर्शन आज

    October 26, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    मैं कभी हिंदुत्व का समर्थक नहीं रहा और न रहूंगा : दिग्विजय सिंह

    October 25, 2026
    Latest Posts

    वॉर इंजरी पेंशन पर केंद्र की नहीं चली, सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सैनिक के हक में सुनाया फैसला

    October 28, 2026

    झारखंड : चतरा पुलिस ने जब्त की 164 किलो गांजा, तस्करी वाला लग्जरी कार बरामद; तीन आरोपी फरार

    October 28, 2026

    बच्चों के पुनर्वास से लेकर उनके अधिकारों तक, CWC सदस्यों को दिया गया प्रशिक्षण

    October 28, 2026

    झारखंड में 7 साल में करीब तीन गुनी हुईं एमबीबीएस सीटें, 580 से बढ़कर 1,650 पहुंचीं

    October 28, 2026

    जोहार लाइव इंवेस्टिगेशन भाग-2: कोई कबाड़ी खरीद रहा, कोई है दर्जी, तो कोई बना जमीन कारोबारी, पड़ताल अल-कायदा इन इंडियन सब कॉन्टिनेंट के 44 संदिग्ध, आरोपी व जेल में बंद तथाकथित आतंकियों की

    October 28, 2026

    Powered by Feralvoice.

    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.