Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    • होम
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Home»क्राइम»बार में गैर इरादतन हत्या से अदालत तक: रांची पुलिस की वैज्ञानिक जांच ने 14 महीने में पहुंचाया केस को अंजाम
    क्राइम

    बार में गैर इरादतन हत्या से अदालत तक: रांची पुलिस की वैज्ञानिक जांच ने 14 महीने में पहुंचाया केस को अंजाम

    Joharlive NetworkBy Joharlive NetworkJuly 21, 2026No Comments4 Mins Read2
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    रांची: राजधानी रांची के चर्चित एक्सट्रीम स्पोर्ट्स बार एंड ग्रिल हत्याकांड में आखिरकार न्यायालय का फैसला आ गया है. करीब 14 महीने तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने मामले में आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई. यह फैसला सिर्फ एक हत्याकांड के पटाक्षेप तक सीमित नहीं है, बल्कि रांची पुलिस की त्वरित कार्रवाई, वैज्ञानिक जांच और साक्ष्य जुटाने की क्षमता का भी बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है. मामला मूल रूप से चुटिया थाना कांड संख्या 117/2024 से जुड़ा है, जिसमें 26 मई 2024 की रात बार के डीजे संदीप कुमार प्रमाणिक उर्फ सैंडी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. मामले में अदालत ने 20 जुलाई 2026 को अपना फैसला सुनाया.

    घटना की रात एक्सट्रीम स्पोर्ट्स बार में कुछ युवक शराब पीने पहुंचे थे. डांस फ्लोर पर महिला ग्राहकों के साथ अभद्र व्यवहार और हंगामे के बाद बार कर्मचारियों ने उन्हें बाहर निकाल दिया. कुछ देर बाद वही लोग फिर हथियारों के साथ लौटे और कर्मचारियों से मारपीट की. पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद एक आरोपी को मौके से हिरासत में लिया गया, जबकि अन्य फरार हो गए. देर रात बार बंद होने के बाद जैसे ही डीजे संदीप बाहर निकले, उन पर गोली चला दी गई. गंभीर रूप से घायल संदीप को रिम्स ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

    हत्या की सूचना मिलते ही चुटिया थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की. घटनास्थल को सुरक्षित किया गया और फॉरेंसिक टीम की मदद से हर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किया गया. पुलिस ने बार का सीसीटीवी डीवीआर, पेन ड्राइव, विजिटर रजिस्टर, घटनास्थल से मिले कारतूस, आरोपियों के वाहन, मोबाइल फोन तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त किए. यही नहीं, जांच के दौरान पुलिस ने हथियार, जिंदा कारतूस और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री भी बरामद की, जिसने पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में अहम भूमिका निभाई.

    एफएसएल और तकनीकी जांच बनी मजबूत कड़ी

    रांची पुलिस ने इस मामले में सिर्फ पारंपरिक जांच तक खुद को सीमित नहीं रखा. डिजिटल साक्ष्यों, फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी विश्लेषण को जांच का आधार बनाया गया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि संदीप की मौत सीने में लगी गोली से हुई थी. वहीं एफएसएल और डीएफएसएल रिपोर्टों को भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिससे घटनास्थल और बरामद हथियारों के बीच वैज्ञानिक संबंध स्थापित करने में मदद मिली.

    दस आरोपियों की हुई गिरफ्तारी

    जांच के दौरान पुलिस ने एक के बाद एक कुल दस आरोपियों को गिरफ्तार किया. कई आरोपियों की गिरफ्तारी अलग-अलग स्थानों से की गई. पुलिस ने पूछताछ, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ी तैयार की और समय पर चार्जशीट दाखिल की. अदालत में 13 गवाहों की गवाही कराई गई और बड़ी संख्या में दस्तावेजी एवं भौतिक साक्ष्य पेश किए गए. यही व्यवस्थित विवेचना इस मुकदमे की सबसे बड़ी ताकत साबित हुई.

    गवाहों के मुकरने के बावजूद कमजोर नहीं हुआ केस

    सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने कई तकनीकी आपत्तियां उठाईं. कुछ गवाह अपने पूर्व बयानों से मुकर गए और कई को अदालत में शत्रुतापूर्ण (होस्टाइल) घोषित किया गया. इसके बावजूद पुलिस की जांच केवल मौखिक गवाही पर निर्भर नहीं रही. इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, जब्ती सूची, वैज्ञानिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों ने अभियोजन के पक्ष को मजबूती दी. यही कारण रहा कि गवाहों के बदलते बयानों के बावजूद मामला कमजोर नहीं पड़ा.

    यह मामला इस बात का उदाहरण भी है कि आधुनिक पुलिसिंग केवल प्रत्यक्षदर्शी गवाहों पर निर्भर नहीं रहती. आज डिजिटल फॉरेंसिक, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा, वैज्ञानिक जांच और तकनीकी साक्ष्य अपराध की गुत्थी सुलझाने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं. रांची पुलिस ने इस केस में इन्हीं सभी पहलुओं का प्रभावी उपयोग किया और अदालत के समक्ष एक मजबूत केस प्रस्तुत किया.

    20 जुलाई 2026 को आए फैसले के साथ इस बहुचर्चित हत्याकांड की न्यायिक प्रक्रिया अपने महत्वपूर्ण मुकाम पर पहुंची. इस पूरे मामले में रांची पुलिस की त्वरित कार्रवाई, लगातार छापेमारी, वैज्ञानिक जांच, तकनीकी साक्ष्यों का संरक्षण और समयबद्ध चार्जशीट ने यह साबित किया कि गंभीर अपराधों की निष्पक्ष और पेशेवर जांच न्याय दिलाने की सबसे मजबूत नींव होती है. यह मामला झारखंड पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, जिसने यह संदेश दिया कि संगठित और वैज्ञानिक विवेचना के बल पर बड़े से बड़े आपराधिक मामलों को भी तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जा सकता है.

    Also read : डीजे संदीप प्रमाणिक हत्याकांड : मुख्य आरोपी अभिषेक सिंह समेत 10 दोषी करार

    एक्सट्रीम स्पोर्ट्स बार एंड ग्रिल डीजे संदीप रांची पुलिस
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleयुवाओं के लिए एक रास्ता बचा था, उसे भी मोदी ने बर्बाद कर दिया: राहुल गांधी
    Next Article हेमंत कैबिनेट के बड़े फैसले: AI वर्चुअल क्लासरूम, हेलीकॉप्टर एंबुलेंस, नए कॉलेज और सड़कों समेत कई प्रस्तावों को मंजूरी

    Related Posts

    जोहार ब्रेकिंग

    जेपीएससी चेयरमैन ने दिया इस्तीफा, देर शाम पहुंची थी सीआईडी

    July 21, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    हेमंत कैबिनेट के बड़े फैसले: AI वर्चुअल क्लासरूम, हेलीकॉप्टर एंबुलेंस, नए कॉलेज और सड़कों समेत कई प्रस्तावों को मंजूरी

    July 21, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    बच्चे किसी बहकावे में नहीं आए हैं, वे भविष्य की बागडोर संभालने वाले हैः कैलाश सत्यार्थी

    July 21, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    पूण्यतिथि विशेषः क्रांति कोई तैयार फार्मूला नहीं है, जिसे किताब से निकालकर समाज पर लागू कर दिया जाएः एके रॉय

    July 21, 2026
    क्राइम

    नक्सलवाद से साइबर क्राइम तक… पांच राज्यों के DGP ने बनाई बड़ी रणनीति, सीमाओं पर बढ़ेगा पुलिस का शिकंजा

    July 21, 2026
    क्राइम

    चतरा: एसपी आवास के सामने दिनदहाड़े फायरिंग, प्राइवेट गार्ड की गोली लगने से मौत

    July 21, 2026
    Latest Posts

    जेपीएससी चेयरमैन ने दिया इस्तीफा, देर शाम पहुंची थी सीआईडी

    July 21, 2026

    हेमंत कैबिनेट के बड़े फैसले: AI वर्चुअल क्लासरूम, हेलीकॉप्टर एंबुलेंस, नए कॉलेज और सड़कों समेत कई प्रस्तावों को मंजूरी

    July 21, 2026

    बार में गैर इरादतन हत्या से अदालत तक: रांची पुलिस की वैज्ञानिक जांच ने 14 महीने में पहुंचाया केस को अंजाम

    July 21, 2026

    युवाओं के लिए एक रास्ता बचा था, उसे भी मोदी ने बर्बाद कर दिया: राहुल गांधी

    July 21, 2026

    बच्चे किसी बहकावे में नहीं आए हैं, वे भविष्य की बागडोर संभालने वाले हैः कैलाश सत्यार्थी

    July 21, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.