Patna : अगर आप पटना में जमीन खरीदने या रजिस्ट्री कराने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। 1 अप्रैल से नई बाजार मूल्य दर (एमवीआर) लागू होने जा रही है। इसके तहत सर्किल रेट में 80 से 90 फीसदी तक बढ़ोतरी हो सकती है। कुछ इलाकों में तो दरें तीन गुना तक बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। जिला निबंधन कार्यालय ने इसकी तैयारी लगभग पूरी कर ली है। मूल्यांकन समिति की बैठक हो चुकी है और अलग-अलग अंचलों का सत्यापन भी पूरा कर लिया गया है।
क्या बोले अधिकारी?
जिला निबंधन पदाधिकारी रवि रंजन ने बताया कि नई एमवीआर दर 1 अप्रैल से लागू होगी। हर इलाके का सर्किल रेट अलग-अलग तय किया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि जहां मौजूदा सर्किल रेट बाजार मूल्य से ज्यादा है, वहां उसे संतुलित किया जाएगा। लेकिन जहां बाजार कीमत ज्यादा है और सर्किल रेट कम, वहां भारी बढ़ोतरी तय मानी जा रही है।
किन इलाकों में बढ़ सकती है ज्यादा दर?
फिलहाल बोरिंग रोड का सर्किल रेट सबसे ज्यादा है करीब 40 लाख रुपये प्रति कट्ठा। इसके अलावा नाला रोड, बेली रोड, पाटलिपुत्र कॉलोनी, सगुना मोड़ और गोला रोड मोड़ जैसे इलाकों में पहले से ही ऊंचा सर्किल रेट लागू है। वहीं नौबतपुर (बिक्रम अंचल) और बाढ़ अनुमंडल के कई इलाकों में अभी सर्किल रेट अपेक्षाकृत कम है, जहां बड़ी बढ़ोतरी संभव है।
किन अंचलों का हो चुका है सत्यापन?
प्रशासन के मुताबिक बाढ़ के पांच अंचल, फतुहा के तीन, पालीगंज के तीन, बिक्रम के तीन और पटना सदर के 72 वार्डों का सत्यापन किया जा चुका है। अब पूरे जिले में मौजूदा बाजार दर के हिसाब से नई दरें तय की जा रही हैं।
रजिस्ट्री कराने वालों की लगी भीड़
नई एमवीआर लागू होने की खबर के बाद रजिस्ट्री कार्यालय में भीड़ बढ़ गई है। पटना जिला निबंधन कार्यालय में रोजाना करीब 150 लोग जमीन की रजिस्ट्री करा रहे हैं। दिसंबर 2025 से रजिस्ट्री की संख्या में खासा इजाफा देखा गया है। ऑनलाइन सिस्टम लागू होने के बाद प्रक्रिया पहले से ज्यादा तेज और पारदर्शी हो गई है। लेकिन लोग चाहते हैं कि 1 अप्रैल से पहले ही रजिस्ट्री करा लें, ताकि बढ़ी हुई दरों का अतिरिक्त बोझ न उठाना पड़े।
राजस्व वसूली में पटना सबसे आगे
राजस्व के मामले में भी पटना जिला राज्य में अव्वल बताया जा रहा है। जिले को 1500 करोड़ रुपये के राजस्व संग्रह का लक्ष्य मिला था, जिसमें से अब तक 1100 करोड़ रुपये वसूले जा चुके हैं। पटना सदर को 725 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया था, जिसमें से शहरी क्षेत्र से 550 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। अधिकारियों के मुताबिक रोजाना तीन से चार करोड़ रुपये तक राजस्व की प्राप्ति हो रही है।
क्या पड़ेगा असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि सर्किल रेट बढ़ने से सरकार को ज्यादा राजस्व मिलेगा। लेकिन जमीन खरीदने वालों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। रियल एस्टेट बाजार में भी इसका असर दिख सकता है खासकर उन इलाकों में जहां दरों में बड़ी छलांग लगने वाली है।
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