किसलय शानू
उड़ता पंजाब, उड़ता बिहार…इसकी धीमी आहट अब झारखंड की तरफ भी. लेकिन फिलहाल राज्य सरकार झारखंड को उड़ता झारखंड बनने से रोकने के मिशन पर लग चुकी है. सीएम हेमंत सोरेन ने राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह सचिव वंदना डाडेल, एनटीएफ चीफ असीम विक्रांत मिंज सहित पुलिस और अन्य आला अधिकारियों को इससे संबंधित कई महत्वपूर्ण टास्क सौंपे हैं.
जोहार लाइव अगले तीन दिनों तक झारखंड में चलने वाले नशा मुक्ति अभियान से जुड़े कई महत्वपूर्ण खबरों को आपके सामने लाएगा. इसकी पहली कड़ी में हम बताने जा रहे हैं राज्य के उन दस जिलों के बारे में जो ड्रग तस्करी और तस्करों का मुख्य केंद्र बन चुका है.
सीएम हेमंत सोरेन के निर्देश पर मुख्य सचिव, गृह सचिव और एंटी नार्को टास्क फोर्स (एएनटीएफ) चीफ ने इन केंद्रों को नशा मुक्त करने और इस दाग को पूरी तरह खत्म करने के लिए एक एक्शन प्लान तैयार किया है. पहली रिपोर्टः-
क्या है मुख्य सचिव और गृह सचिव और एएनटीएफ चीफ के द्वारा तैयार एक्शन प्लान
मुख्य सचिव, गृह सचिव और एनटीएफ चीफ के द्वारा तैयार एक्शन प्लान के अनुसार संपूर्ण राज्य से ड्रग्स नेटवर्क को ध्वस्त करने का निर्णय लिया गया है. इस दिशा में पहले चरण में प्रत्येक जिला के पांच से 10 ड्रग्स हॉट स्पॉट की पहचान कर कार्रवाई करते हुए संबंधित संपूर्ण नेटवर्क को ध्वस्त करने की कार्रवाई करने तथा टॉप टू बॉटम एवं बॉटम टू टॉप एप्रोच अपनाते हुए नेटवर्क में शामिल तस्करों और पैडलर को पकड़ने का टास्क दिया गया है.
यह टास्क 24 जिलों के एसपी को दिया गया है.
एक्शन प्लान के अनुसार पैडलर की सूचना ड्रग्स के दुरूपयोग करने के लिए प्राप्त की जा सकती है.इसके अलावा शामिल अन्य तस्करों की सूचना पैडलर से प्राप्त की जा सकती है. इस प्लान के बाद फिर से पांच से 10 शेष बचे हॉट स्पॉट को चिह्नित कर सामान कार्रवाई की जाये.
प्रथम चरण में हॉट स्पॉट की पहचान करने में स्कूल, कॉलेज, तकनीकी शिक्षण संस्थान,पब और बार आदि के आस- पास विशेष ध्यान फोकस कर कार्रवाई के लिए एक्शन प्लान तैयार किया गया है. इसके अलावा अधिकारियों ने सीआइडी के सहयोग से राज्य के 10 जिला में 19 हॉटस्पॉट को ड्रग्स तस्करी, पेडलिंग और अफीम की खेती के लिए चिह्नित कर कार्रवाई का टास्क संबंधित जिला के एसपी को दिया है.
एक्शन प्लान में मुख्य रूप ये से यह भी टास्क है कि उपरोक्त चिह्नित हॉट स्पॉट के इलाके में संपूर्ण नेटवर्क को ध्वस्त की जाये. मुखबिरों से सूचना प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार की पुरस्कार नीति का व्यापक रूप से प्रचार- प्रसार करने का भी टास्क दिया गया है.
मुख्य सचिव के द्वारा यह भी निर्देश दिया गया है कि मुखबिरों को सूचना देने के बाद उन्हें समय पर पुरस्कार राशि भी प्रदान की जा सके, इस बात को भी सुनिश्चित किया जाए.
इसके अलावा जब्त ड्रग्स के विनष्टीकरण पर भी एक्शन प्लान तैयार किया गया है, ताकि जब्त ड्रग्स का दुरूपयोग किसी भी तरह से नहीं हो.

इन 10 जिलों के 19 थाना हैं हॉटस्पॉट
जिला का नाम – थाना क्षेत्र – किस काम के लिए है हॉटस्पॉट
रांची – अरगोड़ा, नामकुम, सुखदेवनगर – ड्रग्स का दुरूपयोग,तस्करी/ पेडलिंग
देवघर – नगर तथा मोहनपुर – ड्रग्स का दुरूपयोग,तस्करी/ पेडलिंग
पूर्वी सिंहभूम – मानगो – ड्रग्स का दुरूपयोग,तस्करी/ पेडलिंग
हजारीबाग – कटकमसांडी, चौपारण और इचाक – अफीम की खेती तथा ड्रग्स की तस्करी
पलामू – डालटेनगंज शहर तथा मनातू – अफीम की खेती तथा ड्रग्स की तस्करी
सरायकेला-खरसावां – आदित्यपुर एवं इचागढ़ – अफीम की खेती तथा ड्रग्स की तस्करी
चतरा – सदर, ईटखोरी एवं लावालौंग – अफीम की खेती तथा ड्रग्स की तस्करी
खूंटी – अड़की – अफीम की खेती
लातेहार – बरियातू – अफीम की खेती
पश्चिमी सिंहभूम – बंदगांव – अफीम की खेती
एएनटीएफ और एनसीबी मिलकर करेंगे ड्रग्स नेटवर्क को ध्वस्त
मुख्य सचिव सहित अन्य अधिकारियों के एक्शन प्लान के अनुसार अब बड़ी मात्रा में ड्रग्स की जब्ती होने पर एएनटीएफ चीफ को सूचना देनी होगी. इसके बाद एएनटीएफ के चीफ इससे संबंधित सूचना नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के अधिकारियों को देंगे. एनसीबी के अधिकारियों के लिए भी यह सुझाव दिया गया है कि तस्करों, सरगना तथा मामला राज्य से अन्य नेटवर्क से जुड़े होने पर गिरोह की जांच एनसीबी के द्वारा की जा सके और संपूर्ण नेटवर्क को ध्वस्त करने की कार्रवाई की जा सके.
एनसीबी को भी राज्य से जुड़े तस्करों और सरगनाओं के बारे एएनटीएफ चीफ को जानकारी देनी होगी. ताकि एएनटीएफ चीफ खुद से या जिला पुलिस के सहयोग से छोटे-छोटे पैडलरों तक पहुंच कर राज्य के ड्रग तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त कर सकें.

