जोहार लाइव ब्यूरो
रांची: ट्रेवल के नाम पर गाड़ी किराये पर लेना, फिर उसी गाड़ी को दूसरे व्यक्ति के पास बंधक रखकर लाखों रुपये नकद उठाना. ऐसा ही एक अनोखा मामला सामने आया है. ठगी का यह तरीका अपनाकर लोगों को चूना लगाने वाले दो आरोपियों को ओरमांझी पुलिस ने गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विश्वजीत सिंह, मनोज कुमार श्रीवास्तव और ज्योति कुमारी के रूप में हुई है. दोनों खुद को बिजनेस पार्टनर बताते थे और कथित तौर पर मिलकर एक कंपनी बनाकर इस पूरे खेल को अंजाम दे रहे थे.
गुप्त सूचना के आधार पर ओरमांझी थाना प्रभारी मनोज कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों को पकड़ा. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आरोपियों का तरीका बेहद शातिराना था. वे पहले वाहन मालिकों से ट्रेवल के काम के लिए गाड़ी किराये पर लेते थे. इसके बाद उस गाड़ी को किसी दूसरे व्यक्ति को हायर पर देने के नाम पर सौंप देते थे. लेकिन यहां से पूरा खेल बदल जाता था. गाड़ी को दूसरे व्यक्ति के पास बंधक रखकर उसके बदले लाखों रुपये नकद उठा लेते थे.
इस पूरे मामले में अब तक करीब 25 से 30 लोगों के पीड़ित होने की बात सामने आ रही है. इनमें कई वाहन मालिक और वे लोग शामिल हैं, जिन्होंने आरोपियों के झांसे में आकर अपनी महंगी गाड़ियां दी.
कई लोगों से लाखों की ठगी की आशंका
आरोपियों के इस कथित नेटवर्क का खुलासा होने के बाद पुलिस अब पूरे मामले की पड़ताल में जुटी है. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कितनी गाड़ियां किराये पर ली गईं, उन्हें किन लोगों के पास बंधक रखा गया और इस खेल में कुल कितने रुपये का लेन-देन हुआ. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस मामले में इनके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं. पुलिस की कार्रवाई के बाद अब पीड़ितों को अपनी गाड़ियों और रकम वापस मिलने की उम्मीद जगी है. मामले में पुलिस आगे की जांच कर रही है.


