जोहार लाइव ब्यूरो
रांची. झारखंड CGL पेपर लीक मामले में CID ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में भानु प्रताप और सुमित कुमार सिंह शामिल हैं. भानु प्रताप को रांची के टैगोर हिल रोड स्थित रविंद्र नगर से, जबकि सुमित कुमार सिंह को हटिया के टोंको रोड स्थित केशव विहार से गिरफ्तार किया गया है. दोनों ICN टेक्नोलॉजी के निदेशक मिथिलेश सिंह उर्फ आरके के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं.
इस गिरफ्तारी में सबसे अहम बात यह है कि भानु प्रताप खुद CGL परीक्षा पास कर सरकारी नौकरी हासिल कर चुका था. वह उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग में सहायक प्रशाखा पदाधिकारी (ASO) के पद पर कार्यरत था. जिस परीक्षा के पेपर लीक मामले की जांच CID कर रही है, उसी परीक्षा के जरिए नौकरी पाने वाला एक व्यक्ति अब इस मामले में गिरफ्तार हुआ है.
CID की जांच में आरोप है कि दोनों ने करीब 10 से 12 अभ्यर्थियों को परीक्षा में अनुचित लाभ पहुंचाने और उन्हें पास कराने में मदद की थी. जांच एजेंसी अब दोनों की भूमिका के साथ उन अभ्यर्थियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है, जिन्हें कथित तौर पर इसका लाभ मिला था.
जोहार लाइव ने पहले ही उठाया था नौकरी कर रहे अभ्यर्थियों का मामला
CGL पेपर लीक मामले में सरकारी नौकरी हासिल कर चुके अभ्यर्थियों की भूमिका को लेकर जोहार लाइव ने 5 सितंबर को एक्सक्लूसिव रिपोर्ट प्रकाशित की थी. रिपोर्ट में बताया था कि SIT की जांच में 100 से अधिक ऐसे अभ्यर्थियों की जानकारी सामने आई है, जिन्होंने कथित तौर पर पेपर लीक के जरिए परीक्षा पास कर सरकारी नौकरी हासिल की थी. इनमें आधे से अधिक अभ्यर्थियों से पूछताछ भी की जा चुकी थी.
अब भानु प्रताप की गिरफ्तारी इस जांच का एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है. वह CGL परीक्षा पास करने के बाद सरकारी विभाग में ASO के पद पर काम कर रहा था. यानी नौकरी हासिल कर चुके अभ्यर्थियों की भूमिका को लेकर पहले से चल रही जांच में अब एक सरकारी अधिकारी की गिरफ्तारी हुई है.
मिथिलेश सिंह के नेटवर्क तक पहुंची CID
CGL पेपर लीक मामले में ICN टेक्नोलॉजी के निदेशक मिथिलेश सिंह उर्फ आरके की भूमिका पहले से जांच के दायरे में है. परीक्षा संचालन का काम वेबेल टेक्नोलॉजी को मिला था, जिसने आगे की जिम्मेदारी ICN को सौंपी थी. जांच के दौरान ICN से जुड़े लोगों और अभ्यर्थियों के बीच कथित सांठगांठ की बात सामने आई थी.
CID की जांच में यह आरोप भी सामने आया था कि मिथिलेश सिंह ने अपने कर्मचारियों और रिश्तेदारों की मदद से प्रश्नपत्र लीक कराया. बोकारो के दुग्दा में परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को एकत्र कर प्रश्न और उत्तर याद कराने की बात भी जांच का हिस्सा रही है.


