Jamshedpur : जमशेदपुर में अंबेदकर जयंती के मौके पर कदमा-सोनारी लिंक रोड और साकची स्थित पुराना बुक स्टोर में कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में विधायक सरयू राय ने हिस्सा लिया और भारतीय संविधान की अहमियत पर विस्तार से अपनी बात रखी। अपने संबोधन में सरयू राय ने कहा कि भारतीय संविधान एक मजबूत और लचीला दस्तावेज है, जो समय के साथ खुद को ढालता रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक संविधान में 100 से अधिक संशोधन हो चुके हैं, जो इसकी जीवंतता और बदलते दौर के अनुरूप काम करने की क्षमता को दिखाते हैं।
संविधान निर्माण की प्रक्रिया को बताया
विधायक ने कहा कि आजादी के बाद देश को व्यवस्थित ढंग से चलाने के लिए संविधान की जरूरत महसूस हुई। इसके लिए संविधान सभा का गठन किया गया, जिसके अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद थे। वहीं, संविधान का मसौदा तैयार करने की जिम्मेदारी डॉ. भीमराव अंबेदकर को सौंपी गई थी।
उन्होंने बताया कि डॉ. अंबेदकर ने दुनिया के कई देशों के संविधानों का अध्ययन किया और खास तौर पर वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों के अधिकारों को ध्यान में रखते हुए संविधान तैयार किया। लंबी चर्चा और बहस के बाद इसे स्वीकार किया गया।
नीयत पर निर्भर करती है संविधान की सफलता
सरयू राय ने कहा कि संविधान कितना भी मजबूत क्यों न हो, उसकी सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि सत्ता में बैठे लोगों की नीयत कैसी है। अगर नीयत सही होगी तो संविधान पूरी ताकत से काम करेगा, लेकिन अगर नीयत में कमी होगी तो इसके उद्देश्य पूरी तरह पूरे नहीं हो पाएंगे।
लोगों ने लिया अंबेदकर के आदर्शों पर चलने का संकल्प
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने डॉ. भीमराव अंबेदकर के विचारों को याद किया और उनके दिखाए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया। माहौल में सामाजिक समानता और संविधान के प्रति सम्मान का संदेश साफ तौर पर देखने को मिला।
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