Patna : बिहार में कई महत्वपूर्ण सरकारी विकास परियोजनाओं की प्रगति भू-सम्पत्ति अधिग्रहण, मुआवजा भुगतान और अतिक्रमण जैसी समस्याओं के कारण प्रभावित हो रही है। राज्य सरकार ने वर्ष 2024-25 में कई बड़ी इन्फ्रास्ट्रक्चर योजनाएँ घोषित की थीं, जिनमें एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय राजमार्ग और पुल निर्माण शामिल हैं।
भूमि अधिग्रहण और मुआवजा भुगतान में देरी
पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे और हल्दिया-रक्सौल एक्सप्रेस-वे जैसी परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अभी प्रारंभिक चरण में है। कई क्षेत्रों में अधिसूचना लंबित होने के कारण काम रुका हुआ है। मुआवजा राशि का भुगतान देर से होने के कारण निर्माण कंपनियां समय पर कार्य शुरू नहीं कर पा रही हैं।
राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में बाधा
एनएच 112बी और एनएच 322 जैसी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में भी अतिक्रमण और भूमि अधिग्रहण की समस्याएँ आ रही हैं। एनएच 112बी में अधिकांश काम पूरा हो चुका है, लेकिन कुछ खंडों में जमीन, पेड़ और झोपड़ियों के कारण निर्माण कार्य प्रभावित है। एनएच 322 के किनारे बने अतिक्रमण भी काम की गति धीमी कर रहे हैं।
पुल और फोरलेन परियोजनाओं पर असर
राज्य सरकार की अन्य परियोजनाओं जैसे ताजपुर-बख्तियार फोरलेन और आरओबी निर्माण में भी भूमि अधिग्रहण में देरी है। प्रभावित भूमि मालिकों की मुआवजा राशि एलएआरआरए कोर्ट में जमा है, लेकिन अतिक्रमण हटाए बिना निर्माण कार्य नहीं बढ़ाया जा सकता।
प्रशासन की पहल
राज्य प्रशासन ने परियोजनाओं में आई बाधाओं को दूर करने के लिए निर्देश दिए हैं। भूमि अधिग्रहण, मुआवजा भुगतान और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को तेज करने के प्रयास जारी हैं। अधिकारियों को कहा गया है कि सभी परियोजनाएं समय पर पूरी हों और निर्माण कार्य में कोई रुकावट न आए।
विशेषज्ञ रिपोर्ट और जनसुनवाई में देरी
रोसड़ा और सरायरंजन में बनने वाले बाईपास जैसी परियोजनाओं में विशेषज्ञ कमेटियों और जनसुनवाई की रिपोर्टें लंबित हैं। इन रिपोर्टों के बिना अंतिम स्वीकृति और निर्माण कार्य शुरू करना संभव नहीं है।
राज्य की प्राथमिकता और लाभ
बिहार सरकार की प्राथमिकता है कि सड़क, पुल और एक्सप्रेस-वे परियोजनाएं समय पर पूरी हों। इन परियोजनाओं के पूरा होने से परिवहन प्रणाली सुधरेगी, व्यापार और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, पर्यटन को लाभ होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी। सरकार और प्रशासन मिलकर भूमि अधिग्रहण, मुआवजा भुगतान और अतिक्रमण जैसी समस्याओं को दूर कर परियोजनाओं को निर्धारित समय में पूरा करने के प्रयास कर रहे हैं। सफल होने पर यह परियोजनाएँ बिहार को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक विकास की दिशा में मजबूत कदम देंगी।
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