Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    • होम
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Home»ट्रेंडिंग»अब डिजिटल टेक्निक से होगी मानवरहित ओपनकास्ट माइनिंग
    ट्रेंडिंग

    अब डिजिटल टेक्निक से होगी मानवरहित ओपनकास्ट माइनिंग

    joharlive NetworkBy joharlive NetworkJanuary 3, 2025Updated:January 3, 2025No Comments3 Mins Read0
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    माइनिंग
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    Ambikapur : भारत में पहली बार डिजिटल तकनीक पर आधारित डोजर पुश माइनिंग तकनीक का परीक्षण सफलतापूर्वक किया गया है. यह परीक्षण राष्ट्रीय वैज्ञानिक व औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) एवं केंद्रीय खनन व ईंधन अनुसंधान संस्थान (CIMFR) के मार्गदर्शन में किया गया है जो कि भारतीय खनन उद्योग में एक अभूतपूर्व विकास की पहल है.

    बता दें कि खनन क्षेत्र में भारत की अग्रणी निजी कंपनी अदाणी नेचुरल रिसोर्सेज ने छत्तीसगढ़ में अंबिकापुर के उदयपुर विकासखण्ड में राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड की परसा ईस्ट केते बासेन (PEKB) खदान में इस तकनीक का सफलतापूर्वक परीक्षण बीते सप्ताह किया है. यह परीक्षण खनन तकनीक में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिसमें कोयला निष्कर्षण प्रक्रिया के लिये मानवरहित मशीनों का उपयोग किया गया है. डिजिटल स्वायत्त खनन की दिशा में यह तकनीक बहेतर उत्पादन और सलामती के लिए मील का पत्थर साबित होगी.

    क्या है डोजर पुश की विशेष तकनीक

    डोजर पुश माइनिंग परीक्षण में एक स्वचालित, (मानवरहित) ड्रिल मशीन द्वारा ड्रिल करके कास्ट ब्लास्टिंग किया जाता है. ब्लास्टिंग के बाद, ब्लास्ट की गई सामग्री को इस प्रक्रिया के लिये विशेष रूप से डिज़ाइन की गई एक स्वचालित, बड़े आकार की डोजर मशीन का उपयोग करके उसे डीकोल किये गये क्षेत्र में स्थापित करते हैं.

    डोजर पुश माइनिंग विधि को पारंपरिक ट्रक-शॉवल खनन द्वारा सामना की जाने वाली चुनौतियों के संभावित समाधान के रूप में देखा जा रहा है, खासकर बरसात के मौसम में जब ढुलाई वाली सड़कें कीचड़ से भर जाती हैं, जिससे सुरक्षा और उत्पादकता प्रभावित होती है. ऐसे समय में यह तकनीक ट्रकों और उत्खनक मशीन पर निर्भरता को कम करके, उत्खनन कार्यों को अनुकूलित कर सकती है और इकाई की लागत को कम कर सकती है, जिससे खनन के लिये अधिक टिकाऊ और कुशल दृष्टिकोण प्रदान किया जा सकता है. यही नहीं चूंकि इस तकनीक में ट्रकों का उपयोग नहीं होता है. सुरक्षा की दृष्टि से भी यह डोजर पुश तकनीक पांच सितारा PEKB खदान को सुरक्षा के मापदंडों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित करती है.

    भारत में पहली बार अदाणी नेचुरल रिसोर्सेज द्वारा कोयला खनन में उपयोग में ली जा रही इस डोजर पुश तकनीक के परीक्षण की सफलता की CSIR और CIMFR के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. एम पी रॉय ने भी सराहना की और कहा कि, “यह नई तकनीक भारत में ओपनकास्ट खनन कार्यों में क्रांति ला सकती है. डोजर पुश माइनिंग विधि पारंपरिक ड्रैगलाइन और ट्रक/शॉवल उत्खनन का एक आधुनिक विकल्प है. यह न केवल खनन प्रक्रिया की गति और दक्षता को बढ़ाता है बल्कि परिचालन लागत को भी कम करता है.”

    इस परीक्षण का नेतृत्व CSIR-CIMFR के निदेशक प्रोफेसर अरविंद कुमार मिश्रा ने किया, जिसमें डॉ. एम पी रॉय, डॉ. विवेक कुमार हिमांशु, आर एस यादव, सूरज कुमार और डॉ. आशीष कुमार विश्वकर्मा का योगदान रहा, जिन्होंने पीईकेबी खदान में डोजर पुश माइनिंग तकनीक के प्रथम विस्फोट के सफल निष्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. यह महत्वपूर्ण उपलब्धि भारत को अत्याधुनिक खनन प्रौद्योगिकियों को अपनाने में अग्रणी स्थान पर रखती है, जिसका इस क्षेत्र के भविष्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा.

    Also Read : तीन IPS अधिकारियों को DGP ने नवाजा

    Adani mining project Adani Natural Resources advanced mining technology Ambikapur autonomous drilling cast blasting Chhattisgarh CIMFR coal mining cost optimization CSIR digital autonomous mining digital mining technology dozer push mining Dr. M.P. Roy five-star PEKB mine.अंबिकापुर India mining milestone mining innovation open-cast mining operational efficiency PEKB mine Professor Arvind Kumar Mishra rainy season challenges Rajasthan Rajya Vidyut Utpadan Nigam Limited safety in mining sustainable mining Udaipur development block unmanned machines अदाणी नेचुरल रिसोर्सेज अदाणी माइनिंग प्रोजेक्ट उदयपुर विकासखंड उन्नत खनन तकनीक ओपन-कास्ट माइनिंग कास्ट ब्लास्टिंग कोयला खनन खनन नवाचार खनन में सुरक्षा छत्तीसगढ़ डिजिटल माइनिंग तकनीक डिजिटल स्वायत्त खनन डॉ. एम.पी. रॉय डोजर पुश माइनिंग पीईकेबी खदान प्रोफेसर अरविंद कुमार मिश्रा फाइव-स्टार पीईकेबी खदान। बरसात के मौसम की चुनौतियां भारत में खनन मील का पत्थर मानवरहित मशीनें राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड लागत अनुकूलन संचालन दक्षता सतत खनन सीआईएमएफआर सीएसआईआर स्वायत्त ड्रिलिंग
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleअब दस मिनट में घर पहुंचेगी AMBULANCE… जानिये कैसे
    Next Article अर्धनग्न अवस्था में मिली बॉडी, मामले की जांच में जुटी पुलिस

    Related Posts

    आदिवासी

    ‘पहले वनाधिकार, फिर मेगा प्रोजेक्ट’. ग्रेट निकोबार में ट्राइबल काउंसिल का सरकार को संदेश

    July 18, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    झारखंड की दीपाली रिया अब मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 में दिखाएंगी दम

    July 18, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    अब सिर्फ ISRO नहीं… प्राइवेट कंपनी ने भी अंतरिक्ष में उड़ाया भारत का रॉकेट

    July 18, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    झारखंडः जयराम के बाद इरफान अंसारी ने किया सोनम वांगचुक का समर्थन

    July 18, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    कौन थीं कादंबिनी गांगुली? भारत की पहली महिला डॉक्टर

    July 18, 2026
    आदिवासी

    चिता पर लेटीं आदिवासी महिलाएं, आखिर क्यों उठी ‘मौत या न्याय’ की मांग?

    July 17, 2026
    Latest Posts

    झारखंड: संजय सेठ के बयान पर इरफान अंसारी का पलटवार, कहा— ‘राजनीति छोड़िए, झारखंड के लिए एम्स लाइए’

    July 18, 2026

    72th National Film Award : ‘आर्टिकल 370’ बनी सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म, कार्तिक आर्यन और ममूटी को बेस्ट एक्टर

    July 18, 2026

    झारखंड : मईयां सम्मान योजना से महिलाओं को मिली आत्मनिर्भरता की नई पहचान

    July 18, 2026

    ‘पहले वनाधिकार, फिर मेगा प्रोजेक्ट’. ग्रेट निकोबार में ट्राइबल काउंसिल का सरकार को संदेश

    July 18, 2026

    नक्सलमुक्त भारत के दावों के बीच ‘चारू फोर्टनाइट’ को लेकर क्यों अलर्ट पर हैं सुरक्षा एजेंसियां?

    July 18, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.