Ramgarh : रामगढ़ जिले में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए तीन सार्वजनिक शौचालयों का उद्घाटन किया गया है। जिला प्रशासन ने यह पहल समुदाय के लोगों को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल देने के मकसद से की है। ये शौचालय जिला कलेक्टर कार्यालय परिसर, सदर अस्पताल और बस स्टैंड में बनाए गए हैं, ताकि रोजमर्रा की आवाजाही के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
मामूली शुल्क में शौच और स्नान की सुविधा
इन शौचालयों में 5 रुपये में शौच और 10 रुपये में स्नान की सुविधा मिलेगी। खास बात यह है कि यहां दिव्यांगजनों के लिए भी अलग और समुचित व्यवस्था की गई है। यानी सुविधा को पूरी तरह समावेशी बनाने की कोशिश की गई है, ताकि किसी को भी असहज महसूस न करना पड़े।
सुलभ इंटरनेशनल को सौंपी गई जिम्मेदारी
इन शौचालयों की देखरेख और संचालन की जिम्मेदारी सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गनाइजेशन को दी गई है। यह संस्था देशभर में सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण और संचालन के लिए जानी जाती है। इससे उम्मीद की जा रही है कि साफ-सफाई और रखरखाव बेहतर तरीके से होगा।
उपायुक्त बोले – भेदभाव खत्म करना हमारी प्राथमिकता
रामगढ़ के उपायुक्त फैज अक अहमद मुमताज ने कहा कि ट्रांसजेंडर समुदाय को लंबे समय से सामाजिक भेदभाव और असुविधाओं का सामना करना पड़ा है। प्रशासन उनकी मुश्किलों को दूर करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अलग सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था समुदाय को सार्वजनिक जगहों पर असहज स्थितियों से बचाएगी और यह गरिमापूर्ण जीवन की दिशा में एक मजबूत कदम है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए चलाई जा रही योजनाओं को जमीनी स्तर पर सही तरीके से लागू किया जाए और उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान किया जाए।
पहले भी उठ चुकी है मांग
गौरतलब है कि झारखंड में ट्रांसजेंडर समुदाय लंबे समय से अलग सार्वजनिक शौचालय की मांग करता रहा है। पिछले साल रांची में समुदाय की ओर से एक मार्च भी निकाला गया था। उस दौरान रोजगार, शिक्षा, आवास, समान स्वास्थ्य सुविधाएं और सार्वजनिक स्थानों पर अलग शौचालय की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई थी।
सम्मान और समानता की ओर एक और कदम
प्रशासन का कहना है कि उसका उद्देश्य ट्रांसजेंडर समुदाय को समान अवसर, सामाजिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता देना है। रामगढ़ में शुरू हुई यह पहल न सिर्फ बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराएगी, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश भी देगी कि हर व्यक्ति को सम्मान के साथ जीने का हक है।
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