New Delhi : NEET-PG 2025-26 को लेकर नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेस (NBEMS) ने एक बड़ा और विवादास्पद फैसला लिया है। खाली पोस्ट ग्रेजुएट (PG) मेडिकल सीटों को भरने के उद्देश्य से क्वालीफाइंग कट-ऑफ में अभूतपूर्व बदलाव किया गया है। इस बदलाव के बाद अब SC, ST और OBC श्रेणी के उम्मीदवार, जिनका पर्सेंटाइल 0 है या जिनके अंक माइनस में हैं, भी MD, MS और DNB कोर्स में एडमिशन के लिए पात्र होंगे।
विवादित फैसला, चिकित्सा जगत में बहस
यह फैसला सामने आते ही चिकित्सा जगत में तीखी बहस शुरू हो गई है। जहां सरकार और नियामक संस्थाएं इसे व्यावहारिक जरूरत बता रही हैं, वहीं डॉक्टरों और विशेषज्ञों का एक बड़ा वर्ग इसे मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा से जोड़कर देख रहा है।
नया कट-ऑफ कैसा रहेगा?
केंद्र सरकार के निर्देश पर NBEMS ने खाली PG सीटों को भरने के लिए कट-ऑफ को न्यूनतम स्तर तक घटा दिया है। नई व्यवस्था के तहत अलग-अलग श्रेणियों के लिए कट-ऑफ इस प्रकार है:

0 पर्सेंटाइल का मतलब
तकनीकी रूप से 0 पर्सेंटाइल का अर्थ यह है कि परीक्षा में शामिल हर उम्मीदवार, चाहे उसके अंक शून्य हों या उससे कम, काउंसलिंग के लिए पात्र होगा, बशर्ते उसका नाम मेरिट लिस्ट में हो।
नेगेटिव मार्किंग और 0 पर्सेंटाइल
NEET-PG में नेगेटिव मार्किंग की व्यवस्था है। इस वर्ष सबसे कम स्कोर लगभग -40 तक गया है। इसका सीधा मतलब यह हुआ कि अब माइनस स्कोर वाले उम्मीदवार भी खाली PG सीटों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
किन सीटों पर मिलेगा मौका?
सरकार और NBEMS ने साफ किया है कि कम पर्सेंटाइल या माइनस स्कोर वाले उम्मीदवारों को केवल वही सीटें मिलेंगी जिन्हें टॉप रैंकर्स ने छोड़ा हो। आमतौर पर ये सीटें नॉन-क्लीनिकल ब्रांच जैसे एनाटॉमी, बायोकेमिस्ट्री, फिजियोलॉजी और कुछ पैराक्लीनिकल विषयों के लिए होंगी। रेडियोलॉजी, डर्मेटोलॉजी, मेडिसिन, ऑर्थोपेडिक्स जैसी हाई-डिमांड ब्रांचें अभी भी उच्च रैंक वालों के लिए सुरक्षित रहेंगी।
सरकार और NMC का तर्क
सरकार और नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) का कहना है कि हर साल हजारों PG सीटें खाली रह जाती हैं, खासकर नॉन-क्लीनिकल ब्रांच में। खाली सीटें रहने से मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की कमी होती है। PG सीटें भरने से भविष्य में शिक्षकों और विशेषज्ञों की संख्या बढ़ेगी। इसी कारण कट-ऑफ घटाकर अधिक उम्मीदवारों को काउंसलिंग के दायरे में लाया गया है।
Also Read : अंश-अंशिका प्रकरण : डीजीपी ने पूरी टीम को दी बधाई, कहा– अनुसंधान जारी है

