Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है। रविवार को महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में तीन नक्सलियों ने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया। इनमें एमएमसी (महाराष्ट्र–मध्यप्रदेश–छत्तीसगढ़) जोन के दर्रेकसा एरिया कमेटी के कमांडर रोशन उर्फ मारा इरिया वेदजा भी शामिल हैं। यह घटना सुरक्षा एजेंसियों के लिए नक्सल नेटवर्क को झटका देने वाली मानी जा रही है।
पुलिस के अनुसार, तीनों नक्सलियों पर कुल 20 लाख रुपये का इनाम घोषित था। रोशन पर 8 लाख रुपये का इनाम था, जबकि दो अन्य नक्सली सुभाष उर्फ पोज्जा बंडू राववा और रतन उर्फ मनकू ओमा पोय्यम पर 6-6 लाख रुपये का इनाम था। आत्मसमर्पण के दौरान इनसे भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए। रोशन से एक एसएलआर राइफल, दो मैगजीन और 25 राउंड कारतूस, सुभाष से एक एसएलआर, दो मैगजीन और 23 राउंड, तथा रतन से एक 8 एमएम हथियार, एक मैगजीन और 15 राउंड कारतूस बरामद किए गए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लगातार नक्सल विरोधी अभियान, दबाव और विकास कार्यों के कारण नक्सली संगठन कमजोर हो रहा है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने शुरुआती पूछताछ में स्वीकार किया कि जंगलों में हालात खराब हो गए हैं और संगठन में आंतरिक असंतोष भी बढ़ गया है।
अब महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ पुलिस इन नक्सलियों से पूछताछ कर एमएमसी जोन के नेटवर्क, मूवमेंट और फंडिंग से जुड़ी अहम जानकारी जुटा रही है। सुरक्षा विशेषज्ञ इसे नक्सल आंदोलन के लिए बड़ा झटका मान रहे हैं, जिसका असर छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश सीमा क्षेत्र में दिखाई दे सकता है।


