जोहार लाइव ब्यूरो
TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के कोलकाता स्थित आवास के बाहर बीती देर रात करीब 2 बजे भारी बवाल हो गया. अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया है कि उनके जन्मदिन के मौके पर भाजपा (BJP) समर्थकों ने हथियार, लाठी-डंडों और लोहे की छड़ों के साथ उनके घर पर हमला किया और पथराव किया. बनर्जी ने इसे जान से मारने की साजिश करार देते हुए आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है.
घटना के बाद अभिषेक बनर्जी अपने समर्थकों के साथ घर के बाहर ही धरने पर बैठ गए. इस दौरान TMC और BJP कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें महिलाओं समेत कई लोगों के घायल होने की खबर है. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने मौके पर बैरिकेडिंग कर अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है.
जानकारी के अनुसार, कालीघाट स्थित अभिषेक के आवास के बाहर TMC कार्यकर्ता उनके जन्मदिन के बैनर और पोस्टर लगा रहे थे. इसी दौरान स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं से उनकी कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई.
TMC समर्थकों का आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने अचानक पथराव किया और लोहे की छड़ों से हमला कर दिया. वहीं इस पुरे मामले पर भाजपा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके कार्यकर्ता कुम्हारटोली से मां काली की मूर्तियां खरीदकर लौट रहे थे, तभी TMC समर्थकों ने उन पर हमला किया.
6 महीने में 7वीं बार जानलेवा हमले की कोशिश का दावा
अभिषेक बनर्जी के अनुसार, पिछले 6 महीनों में उनकी जान लेने का यह 7वां प्रयास है, जबकि बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद पिछले पांच महीनों में हमले की यह तीसरी बड़ी घटना है. 30 मई: सोनारपुर में अभिषेक पर अंडे और पत्थर फेंके गए थे. 30 जून और 1 जुलाई को कोलकाता में उनके घर के गेट पर पथराव हुआ था.
इस हमले से दो दिन पहले ही अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट कर गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने दावा किया था कि कुछ अज्ञात लोग बाइक से उनके घर और दफ्तर की रेकी कर रहे हैं. पूछताछ करने पर उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताया था. बनर्जी ने बाइक का रजिस्ट्रेशन नंबर भी साझा किया था और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय गृह मंत्रालय, कोलकाता पुलिस व पश्चिम बंगाल पुलिस से जांच की मांग की थी.
पुलिस और न्यायपालिका पर सवाल
अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि यह हमला कोलकाता पुलिस की निगरानी में हुआ है. इसके साथ ही उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने घटना के तमाम वीडियो सार्वजनिक कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. गौरतलब है कि अक्टूबर 2026 में कलकत्ता हाईकोर्ट में अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा घटाए जाने का मुद्दा भी उठा था, जिस पर कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया था. फिलहाल इलाके में तनाव को देखते हुए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था तैनात की गई है.
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