Ranchi : झारखंड में राज्यपाल सचिवालय और लोकभवन के ढांचे में बड़ा बदलाव करने की तैयारी है। बढ़ते कामकाज को देखते हुए पदों का पुनर्गठन प्रस्ताव कैबिनेट तक पहुंच गया है। अगर इसे मंजूरी मिलती है, तो कुल पदों की संख्या 153 से बढ़कर 193 हो जाएगी।
बढ़ते काम के कारण लिया गया फैसला
लोकभवन की ओर से भेजे गए प्रस्ताव में कहा गया है कि पिछले कुछ वर्षों में काम का दायरा काफी बढ़ गया है। पहले जहां साल में 5-6 विधेयक ही पारित होते थे, अब उनकी संख्या कई गुना बढ़ गई है। इसके अलावा विश्वविद्यालयों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है, जिससे संबंधित काम भी ज्यादा हो गया है। जनशिकायत, विवेकाधीन अनुदान और अन्य प्रशासनिक कार्यों में वृद्धि के कारण कर्मचारियों की कमी महसूस की जा रही है। दुमका कार्यालय और मदरा मुंडा अतिथिशाला के संचालन के लिए भी अतिरिक्त स्टाफ की जरूरत बताई गई है।
पुराने पद खत्म, नए पद सृजित
प्रस्ताव के अनुसार वर्तमान में स्वीकृत 153 पदों में से 82 पदों को समाप्त (प्रत्यर्पित) किया जाएगा। उनकी जगह 122 नए पद बनाए जाएंगे। इस बदलाव के बाद कुल पदों की संख्या 40 बढ़कर 193 हो जाएगी। बताया गया है कि कई पुराने पद अब उपयोगी नहीं रह गए हैं, इसलिए नए कार्यों के हिसाब से पदों का पुनर्गठन किया जा रहा है।
सरकार पर बढ़ेगा 74 लाख का अतिरिक्त बोझ
पदों की संख्या बढ़ने से सरकार के खर्च में भी इजाफा होगा। अभी इन पदों पर सरकार करीब 2.55 करोड़ रुपए सालाना खर्च करती है।
नए प्रस्ताव के लागू होने के बाद यह खर्च बढ़कर 3.29 करोड़ रुपए हो जाएगा। यानी सरकार पर करीब 74.19 लाख रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इस प्रस्ताव पर कैबिनेट की अगली बैठक में चर्चा होने की संभावना है, जहां अंतिम फैसला लिया जाएगा।
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