रांची में अपराध नियंत्रण को और प्रभावी बनाने के लिए टाइगर मोबाइल की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जा रहा है. टाइगर मोबाइल में तीन साल से अधिक समय से तैनात पदाधिकारियों और जवानों का तबादला किया जाएगा. उनकी जगह नए पुलिसकर्मियों की तैनाती होगी. इसके साथ ही संवेदनशील इलाकों में गश्ती बढ़ाने और अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए नई व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया गया है.
वरीय पुलिस अधीक्षक रांची ने गुरुवार 3 सितंबर को नवीन पुलिस केंद्र स्थित यूसी झा हॉल में टाइगर मोबाइल की कार्यप्रणाली, गश्ती व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर बैठक की. इसमें एसपी सिटी, एसपी ग्रामीण, एसपी यातायात, एएसपी कोतवाली, सभी डीएसपी, थाना प्रभारी तथा टाइगर मोबाइल में तैनात पदाधिकारी और जवान शामिल हुए.
अपराधियों और संदिग्धों का होगा सत्यापन, संवेदनशील इलाकों में बढ़ेगी गश्ती
बैठक में टाइगर मोबाइल की पेट्रोलिंग को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया. बैंक, एटीएम, ज्वेलरी शॉप, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल समेत अन्य महत्वपूर्ण और संवेदनशील प्रतिष्ठानों के आसपास नियमित और सघन गश्ती करने का निर्देश दिया गया है. पुलिस की कोशिश है कि ऐसे स्थानों पर टाइगर मोबाइल की मौजूदगी लगातार बनी रहे, जहां अपराध की आशंका अधिक रहती है.
आर्म्स एक्ट, चोरी, एनडीपीएस, अवैध शराब, चेन स्नैचिंग, मोबाइल स्नैचिंग और ड्रग पेडलिंग जैसे मामलों में शामिल रहे अपराधियों और पूर्व अपराधियों का सत्यापन भी कराया जाएगा. संदिग्ध व्यक्तियों के संबंध में सूचना और आसूचना जुटाने का निर्देश दिया गया है. जरूरत के अनुसार सत्यापन के आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी.
QR कोड से होगी पेट्रोलिंग की निगरानी
रांची के सभी थाना क्षेत्रों में महत्वपूर्ण स्थानों पर QR कोड लगाए गए हैं. टाइगर मोबाइल के जवान गश्ती के दौरान इन स्थानों पर पहुंचकर QR कोड स्कैन करेंगे. इसके जरिए यह सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है कि पुलिसकर्मी निर्धारित संवेदनशील स्थानों पर नियमित रूप से पहुंच रहे हैं.
टाइगर मोबाइल में कार्यरत सभी पदाधिकारियों और जवानों की छोटे हथियारों के साथ फायरिंग प्रैक्टिस भी कराई जाएगी. इसके लिए अविलंब कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है.
तीन साल से अधिक समय से टाइगर मोबाइल में तैनात कर्मियों के तबादले को भी व्यवस्था का अहम हिस्सा बनाया गया है. उनके स्थान पर नए पदाधिकारी और जवान तैनात किए जाएंगे. थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्र में टाइगर मोबाइल के कामकाज की नियमित निगरानी करने के साथ क्षेत्र की जरूरत के अनुसार कार्य-विभाजन, क्षेत्र-विभाजन और ड्यूटी का समय तय करने का निर्देश दिया गया है.
पुलिस की इस पूरी कवायद का उद्देश्य टाइगर मोबाइल को अधिक सक्रिय बनाना, अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखना और संवेदनशील इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाकर अपराध की रोकथाम को मजबूत करना है.
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