Johar Live Impact : मनरेगा में डिजिटल हाजिरी के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े को लेकर जोहार लाइव की खबर के बाद लातेहार जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. NMMS (National Mobile Monitoring System) के जरिए मजदूरों की उपस्थिति दर्ज करने में Duplicate Attendance and Fraud Detection के तहत बड़े पैमाने पर अनियमितता सामने आने के बाद प्रशासन ने मनिका के प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (BPO) को हटा दिया है. वहीं पांच मेट के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. दो कंप्यूटर ऑपरेटरों को भी काम से हटा दिया गया है.
जिला प्रशासन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, NMMS में उपस्थिति दर्ज करने के दौरान कुल 6709 फोटो सत्यापन के लिए सामने आए. इनमें से 6595 फोटो रिजेक्ट कर दिए गए, जबकि केवल 75 फोटो स्वीकार किए गए हैं. 39 मामले अभी Accept/Reject के लिए लंबित हैं. सबसे अधिक मामले मनिका प्रखंड में 3443 और महुआडांड़ में 2051 पाए गए हैं.
मनिका BPO हटाए गए, मेट की लॉगिन ID रद्द
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी के निर्देश पर मनिका के प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी को प्रखंड से हटाकर जिला कार्यालय में प्रतिनियुक्त कर दिया गया है. सभी संबंधित मेट को भी कार्य से हटा दिया गया है और उनकी Login ID रद्द कर दी गई है.
मनिका प्रखंड में पांच मेट के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है. वहीं महुआडांड़ में संबंधित मेट के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है. प्रशासन ने दो कंप्यूटर ऑपरेटरों को भी कार्य से हटा दिया है.
रोजगार सेवकों से स्पष्टीकरण, लगाया गया अर्थदंड
कार्रवाई की जद में ग्राम रोजगार सेवक भी आए हैं. सभी संबंधित रोजगार सेवकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है और उन पर अर्थदंड लगाया गया है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले की आगे भी जांच की जा रही है और जांच के आधार पर अतिरिक्त कार्रवाई हो सकती है.
जोहार लाइव ने 3 सितंबर को अपनी रिपोर्ट में मनरेगा की डिजिटल हाजिरी में गड़बड़ी और संदिग्ध तरीके से उपस्थिति दर्ज किए जाने का मामला सामने रखा था. इसके बाद जिला प्रशासन की कार्रवाई से साफ है कि मामला महज तकनीकी गड़बड़ी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रशासन ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है.
उपायुक्त ने निर्देश दिया है कि सरकारी योजनाओं में किसी भी तरह की धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. प्रशासन ने मनरेगा में पारदर्शिता बनाए रखने को अपनी प्राथमिकता बताया है.
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