Ranchi : अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उभर रहे नए सिंथेटिक ओपिओइड ‘साइक्लोर्फिन’ को लेकर झारखंड में अलर्ट जारी किया गया है। इंटरनेशनल नारकोटिक्स कंट्रोल बोर्ड (INCB) की ओर से जारी स्पेशल अलर्ट के बाद एटीएस, झारखंड ने राज्य के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों और संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है।
जानकारी के अनुसार, आईएनसीबी ने 20 जनवरी 2026 को स्पेशल अलर्ट नंबर 1 जारी कर ‘साइक्लोर्फिन’ नामक सिंथेटिक ओपिओइड के उभरते खतरे को लेकर सदस्य देशों को आगाह किया है। यह पदार्थ फिलहाल नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम के तहत अधिसूचित नहीं है, लेकिन इसके संभावित दुरुपयोग और अवैध तस्करी की आशंका जताई गई है।
इस संबंध में झारखंड एटीएस के एसपी ऋषभ झा की ओर से राज्य के सभी एसपी, रांची, बोकारो, दुमका, पलामू, हजारीबाग और कोल्हान रेंज के डीआईजी, रेल डीआईजी समेत रांची, जमशेदपुर और धनबाद के एसएसपी को पत्र जारी किया गया है। पत्र में कहा गया है कि इस इनपुट को खुफिया और निवारक दृष्टिकोण से गंभीरता से लिया जाए।
निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि सभी फील्ड फॉर्मेशन को तत्काल ब्रीफ कर संभावित दुरुपयोग, संदिग्ध गतिविधियों और तस्करी से संबंधित सूचना एकत्र की जाए। यदि कहीं इस पदार्थ के उपयोग या तस्करी का मामला सामने आता है तो उसकी सूचना तुरंत नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) को उपलब्ध कराई जाए, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
एटीएस ने संवेदनशील स्थानों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर विशेष निगरानी रखने को भी कहा है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, अंतरराज्यीय सीमाएं और अन्य संभावित तस्करी मार्गों पर चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि सिंथेटिक ड्रग्स का नेटवर्क तेजी से फैल रहा है और तस्कर नए-नए रासायनिक पदार्थों के जरिये कानून से बचने की कोशिश करते हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से मिले इनपुट पर समय रहते सतर्कता जरूरी है।
झारखंड पुलिस ने इस अलर्ट को गंभीर मानते हुए राज्यभर में निगरानी तंत्र मजबूत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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