Ranchi : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान इस बार बहस कम और विपक्षी विधायकों की गैरहाजिरी ज्यादा चर्चा में है। मुख्य विपक्षी दल भाजपा के आधे से ज्यादा विधायक सदन में मौजूद नहीं रहे, जिस पर सत्तापक्ष के साथ-साथ दूसरे दलों के विधायक भी सवाल उठा रहे हैं।
21 में से 13 भाजपा विधायक रहे अनुपस्थित
21 फरवरी को बजट सत्र की कार्यवाही के दौरान भाजपा के कुल 21 विधायकों में से 13 विधायक सदन में मौजूद नहीं थे। यानी आधे से ज्यादा सीटें खाली रहीं। इस पर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के विधायक जयराम महतो ने कहा कि बजट सत्र बहुत अहम होता है, क्योंकि इसी दौरान अगले एक साल के विकास का खाका तैयार किया जाता है। अगर विधायक ही गंभीर नहीं होंगे, तो जनता के मुद्दे कौन उठाएगा?
सीएम हेमंत सोरेन का तंज
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दलीय आधार पर चुनाव नहीं होने के बावजूद भाजपा के लोग उसी में व्यस्त हैं। सीएम ने तंज कसते हुए कहा कि उनकी “शैडो टीम” भी निकाय चुनाव में लगी है। अब देखना है कि शहरी निकाय चुनाव में वे क्या कर पाते हैं।
सरयू राय ने दी सफाई
वहीं पूर्व मंत्री और जदयू विधायक सरयू राय ने कहा कि शहरी निकाय चुनाव की वजह से विधायकों की उपस्थिति प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि वे खुद भी शाम में जमशेदपुर चले जाते हैं और सुबह वापस लौट आते हैं।
मंत्रियों ने भी उठाए सवाल
कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि भाजपा विधायकों को जनता की समस्याओं से कोई खास लेना-देना नहीं दिख रहा। उनके मुताबिक विपक्ष के नेता सदन में सिर्फ हंगामा करने आते हैं। ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बजट सत्र के दौरान इस तरह की उदासीनता ठीक नहीं है। सत्तापक्ष चाहता है कि विपक्ष जनता के मुद्दे उठाए, ताकि सरकार उन पर काम कर सके। दीपिका पांडेय सिंह ने यह भी कहा कि भाजपा और विपक्ष राज्य में कमजोर हो चुके हैं और महागठबंधन सरकार के कामकाज के कारण उनके पास मुद्दों की कमी हो गई है।
भाजपा की ओर से क्या कहा गया?
शनिवार को जिन भाजपा विधायकों की गैरहाजिरी रही, उनमें सत्येंद्र नाथ तिवारी, आलोक चौरसिया, कुशवाहा शशिभूषण मेहता, प्रकाश राम, नवीन जायसवाल, चंपाई सोरेन, पूर्णिमा साहू, शत्रुघ्न महतो, रागिनी सिंह, राज सिन्हा, प्रदीप प्रसाद, अमित यादव और बाबूलाल मरांडी शामिल हैं। बड़का गांव से भाजपा विधायक रौशनलाल चौधरी ने सफाई देते हुए कहा कि सरकार ने शहरी निकाय चुनाव और बजट सत्र की तारीखें एक साथ रख दी हैं। ऐसे में विधायकों को तालमेल बिठाना पड़ रहा है। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि भाजपा सत्ता पक्ष को निश्चिंत नहीं बैठने देगी और सदन में जनसरोकार के मुद्दे जोरदार तरीके से उठाएगी।
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