Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    26 Apr, 2026 ♦ 10:45 PM
    • About Us
    • Contact Us
    • Webmail
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube Telegram WhatsApp
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • झारखंड
      • कोडरमा
      • खूंटी
      • गढ़वा
      • गिरिडीह
      • गुमला
      • गोड्डा
      • चतरा
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
      • जामताड़ा
      • दुमका
      • देवघर
      • धनबाद
      • पलामू
      • पाकुड़
      • बोकारो
      • रांची
      • रामगढ
      • लातेहार
      • लोहरदगा
      • सराइकेला-खरसावां
      • साहेबगंज
      • सिमडेगा
      • हजारीबाग
    • राजनीति
    • बिहार
    • कारोबार
    • खेल
    • सेहत
    • अन्य
      • मनोरंजन
      • शिक्षा
      • धर्म/ज्योतिष
    Johar LIVEJohar LIVE
    Home»देश»बच्चे की परवरिश के लिए अगर महिला ने छोड़ी नौकरी तो देना होगा गुजारा भत्ता: HC
    देश

    बच्चे की परवरिश के लिए अगर महिला ने छोड़ी नौकरी तो देना होगा गुजारा भत्ता: HC

    Team JoharBy Team JoharMay 14, 2025No Comments4 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    Johar live desk: दिल्ली HC ने कहा है कि एक महिला का अपने बच्चे की देखभाल के लिए नौकरी छोड़ना ‘स्वैच्छिक परित्याग’ नहीं होता है, इसलिए वह गुजारा भत्ता पाने की हकदार है। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने 13 मई को जारी एक आदेश में कहा कि इस स्थिति को बच्चे की देखभाल करने के परम कर्तव्य के परिणाम के तौर पर देखा जा सकता है। इसके साथ ही कोर्ट ने एक महिला और उसके नाबालिग बेटे को अंतरिम भरण-पोषण देने संबंधी निचली अदालत के आदेश को खारिज करने से मना कर दिया।

    क्या है पूरा मामला?

    महिला के पति ने निचली अदालत के अक्टूबर 2023 के उस आदेश को HC में चुनौती दी थी, जिसमें उसे (पति को) अलग रह रही अपनी पत्नी और बच्चे को 7,500 रुपये प्रतिमाह गुजारा भत्ता देने के लिए कहा गया था। हाईकोर्ट ने अपीलकर्ता पति को निर्देश दिया कि वह महिला को निचली अदालत द्वारा निर्धारित मासिक राशि देना जारी रखे, साथ ही अपने बच्चे के लिए अलग से प्रतिमाह 4,500 रुपये दे। कोर्ट ने कहा, ‘‘यह पूरी तरह से स्थापित तथ्य है कि नाबालिग बच्चे की देखभाल की जिम्मेदारी माता या पिता पर असमान रूप से पड़ती है, जो अक्सर पूर्णकालिक रोजगार की उनकी क्षमता को सीमित कर देती है, खासकर उन मामलों में जहां मां के नौकरी पर होने के दौरान उसके बच्चे की देखभाल में परिवार का कोई सहयोग नहीं मिलता है।’’

    ’40-50 हजार कमाती थी, मैं गुजारा भत्ता क्यों दूं’

    फैसले में कहा गया है कि महिला द्वारा रोजगार छोड़ने को ‘‘काम का स्वैच्छिक परित्याग’’ नहीं माना जा सकता, बल्कि इसे बच्चे की देखभाल के परम कर्तव्य के परिणामस्वरूप जरूरी माना जाता है। व्यक्ति ने निचली अदालत के आदेश को इस आधार पर चुनौती दी कि महिला उच्च शिक्षा प्राप्त थी और पहले दिल्ली के एक सरकारी स्कूल में गेस्ट टीचर के रूप में काम करती थी, जिससे वह प्रतिमाह ट्यूशन फीस सहित 40,000 से 50,000 रुपये कमाती थी। पति ने दावा किया था कि महिला कमाने और खुद का तथा बच्चे का भरण-पोषण करने में सक्षम थी, लेकिन उसे (पति को) परेशान करने के इरादे से याचिका दायर की गई।

    अपीलकर्ता ने दलील दी थी कि फैमिली कोर्ट ने इस तथ्य पर विचार न करके त्रुटि की है कि महिला अपनी मर्जी से ससुराल से चली गई थी और अदालत के आदेश के बावजूद उसने अपने पति के साथ अपने वैवाहिक संबंध फिर से शुरू नहीं किए। पति ने दावा किया कि वह अपनी पत्नी और नाबालिग बच्चे के साथ रहने को तैयार है। उस व्यक्ति ने यह भी कहा कि वह हरियाणा में एक वकील के रूप में प्रैक्टिस कर रहा है और प्रतिमाह केवल 10,000 से 15,000 रुपये ही कमाता है, इसलिए वह अंतरिम भरण-पोषण संबंधी निचली अदालत के आदेश का पालन करने में असमर्थ है।

    महिला ने क्या दलील दी?

    दूसरी ओर, महिला ने दलील दी कि वह बच्चे के प्रति अपनी जिम्मेदारियों के कारण काम करने में असमर्थ थी। उसने कहा कि उसका पिछला रोजगार उसे उचित भरण-पोषण से वंचित करने का वैध आधार नहीं है। उसने दलील दी कि चूंकि उसे आने-जाने में बहुत समय लगता था और उसे घर के पास काम नहीं मिल पा रहा था, इसलिए उसने अपना टीचिंग करियर छोड़ दिया। अदालत ने महिला की दलील स्वीकार कर ली और उसके स्पष्टीकरण को ‘‘तार्किक और न्यायोचित’’ पाया। बेंच ने कहा कि व्यक्ति का आय प्रमाण-पत्र रिकॉर्ड में नहीं है। हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट को निर्देश दिया कि वह अंतरिम भरण-पोषण की अर्जी तथा अंतरिम अवधि में व्यवस्था जारी रखने के लिए नए सिरे से निर्णय ले।

    Also read: SSP ने भीषण गर्मी को देखते हुए CSR पहल के तहत वितरित की सुरक्षा सामग्री…

    Also read: संन्यास के बाद रोहित शर्मा की पॉल‍िट‍िक्स में होगी एंट्री? महाराष्ट्र के CM से ये दूसरी मुलाकात…

    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleशिक्षा मंत्री के बयान पर बंग समाज में आक्रोश, किया प्रदर्शन
    Next Article IG होमकर ने की PSU के जुड़े कांडों की समीक्षा, SP को दिये कई निर्देश

    Related Posts

    जोहार ब्रेकिंग

    कोलकाता बम ब्लास्ट केस में NIA का बड़ा एक्शन, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

    April 26, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    दिल्ली एयरपोर्ट पर स्विस फ्लाइट के इंजन में लगी आग, टेकऑफ से पहले टला बड़ा हादसा

    April 26, 2026
    ट्रेंडिंग

    वर्ल्ड मलेरिया दिवस पर रांची नगर निगम का बड़ा कदम: मच्छर उन्मूलन महाअभियान की शुरुआत

    April 25, 2026
    Latest Posts

    18 साल के युवक ने की फंदे पर लटकी मिली ला’श, जांच में जुटी पुलिस

    April 26, 2026

    पलामू में शराब तस्करों पर पुलिस का प्रहार, बिहार के 6 लोग 840 लीटर स्प्रिट के साथ गिरफ्तार

    April 26, 2026

    रांची में ड्रग्स नेटवर्क पर पुलिस कसेगी शिकंजा, SSP ने दिए अभियान के निर्देश

    April 26, 2026

    JET परीक्षा में बड़ी गड़बड़ी, दो केंद्रों की परीक्षा रद्द, अधिसूचना जारी

    April 26, 2026

    बंद घर का ताला तोड़ 50 लाख के गहनों की चोरी, शादी में गया था परिवार

    April 26, 2026

    © 2026 Johar LIVE. Designed by Launching Press. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.