Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • JPSC / JSSC
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    • होम
    • JPSC / JSSC
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Home»झारखंड»सीएम हेमंत सोरेन ने सोनम वांगचुक गिरफ्तारी पर जताई चिंता, बोले- उम्मीद की एक और किरण सलाखों के पीछे
    झारखंड

    सीएम हेमंत सोरेन ने सोनम वांगचुक गिरफ्तारी पर जताई चिंता, बोले- उम्मीद की एक और किरण सलाखों के पीछे

    Team JoharBy Team JoharSeptember 27, 2025Updated:September 27, 2025No Comments2 Mins Read2
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    Johar Live Desk: सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर लेह और लद्दाख क्षेत्र के जाने-माने पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद् के रूप में उनकी भूमिका को लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि जल, जंगल, जमीन, भाषा, संस्कृति और अधिकार की रक्षा एवं देश के लिए समर्पित एक और मजबूत आवाज़ को दबाने और गुमनाम बनाने के लिए जो षड्यंत्र किए जा रहे हैं, उस पर पूरे देश की नजर है।

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की यह प्रतिक्रिया इस मामले की गंभीरता को दर्शाती है। वांगचुक लद्दाख की पहचान, जमीन और भाषा-संस्कृति की रक्षा की लड़ाई लड़ रहे हैं। इस लड़ाई को लेकर वह हाल ही में अनशन पर भी चले गए थे।

    लेकिन 24 सितंबर को लद्दाख क्षेत्र में भड़की हिंसा के बाद उन्हें गिरफ्तार कर राजस्थान के जोधपुर केंद्रीय कारा में नजरबंद कर दिया गया। इस घटना के बाद पूरे देश में विचारधारा की नई लड़ाई शुरू हो गई है। क्षेत्रीयता के समर्थकों का केंद्र की भाजपा सरकार पर गुस्सा फूटने लगा है।

    Also read:टाटा-रांची NH-33 पर 18 घंटे का जाम, यात्रियों को भारी कष्ट का करना पड़ा सामना …

    Also read:झारखंड में शिक्षकों और स्वास्थ्यकर्मियों की होगी बड़ी बहाली, JSCC को भेजी गई अधियाचना

    Arrest Bjp cultural rights Environmental Activist Hemant Soren hunger strike Jodhpur Jail Ladakh Leh National Debate Protest Regional Identity social media Sonam Wangchuk
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleटाटा-रांची NH-33 पर 18 घंटे का जाम, यात्रियों को भारी कष्ट का करना पड़ा सामना …
    Next Article किन पकवानों से खोलें व्रत और किनसे करें परहेज… जानिए यहां

    Related Posts

    जोहार ब्रेकिंग

    मेडल विजेता सुनीता की लाचारी पर भड़के बाबूलाल, बोले – विज्ञापनों पर करोड़ों लुटा रही सरकार, खिलाड़ी को धकेला झाड़ू उठाने पर

    September 13, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    बिहार के तर्ज पर झारखंड में भी खनिज वाहनों के लिए डिजिटल पास अनिवार्य: क्या बढ़ेगी सरकार की आय?

    September 13, 2026
    JPSC / JSSC

    जेपीएससी घोटाले में शामिल होने से पहले बुद्धेश्वर था जमीन दलाल, हेमंत चलाता था खुद की कंपनी, उस्मान था सॉफ्टवेयर इंजीनियर

    September 13, 2026
    क्राइम

    BRICS और गुजरात सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी: जांच की आंच झारखंड तक, देवघर से संदिग्ध हिरासत में

    September 12, 2026
    JPSC / JSSC

    JSSC CGL विवाद: चयनित अभ्यर्थियों की प्रेस कॉन्फ्रेंस, कहा – निष्पक्ष जांच हो, लेकिन पूरी परीक्षा को 30-35 लाख की सेटिंग से जोड़ना गलत

    September 12, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    एक्सप्लेनरः धऩबाद में प्रदूषण ज्यादा, फिर भी रैंकिंग में रांची से बेहतर? प्रक्रिया पर विशेषज्ञ उठा रहे हैं गंभीर सवाल, जानिये पूरी सच्चाई

    September 12, 2026
    Latest Posts

    कर्नाटक : 90 से अधिक अस्पतालों तक पहुंची नकली दवाओं की सप्लाई, फार्मेसी संचालक गिरफ्तार

    September 13, 2026

    मेडल विजेता सुनीता की लाचारी पर भड़के बाबूलाल, बोले – विज्ञापनों पर करोड़ों लुटा रही सरकार, खिलाड़ी को धकेला झाड़ू उठाने पर

    September 13, 2026

    बिहार के तर्ज पर झारखंड में भी खनिज वाहनों के लिए डिजिटल पास अनिवार्य: क्या बढ़ेगी सरकार की आय?

    September 13, 2026

    ब्रिक्स में डॉलर के मुकाबले सदस्य देशों की करेंसी कितनी मजबूत?

    September 13, 2026

    13 सितंबर 1948: जब ‘ऑपरेशन पोलो’ के सिर्फ पांच दिनों ने हमेशा के लिए बदल दिया भारत का नक्शा

    September 13, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.