Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • जेपीएससी / जेएसएससी
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    • होम
    • जेपीएससी / जेएसएससी
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Home»झारखंड»गोड्डा में मां दुर्गा के विसर्जन पर विवाद, दो दिन बाद भी पंडाल में रखी है प्रतिमा
    झारखंड

    गोड्डा में मां दुर्गा के विसर्जन पर विवाद, दो दिन बाद भी पंडाल में रखी है प्रतिमा

    joharlive NetworkBy joharlive NetworkOctober 24, 2026Updated:October 24, 2026No Comments5 Mins Read11
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    गोड्डा
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    जोहार लाइव ब्यूरो

    देशभर में दशहरा बीत गया और दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन भी हो चुका है. लेकिन झारखंड के गोड्डा में मां दुर्गा की एक प्रतिमा अब भी पंडाल में विराजमान है. वजह है विसर्जन की जगह को लेकर मंदिर कमेटी और जिला प्रशासन के बीच विवाद. मंदिर कमेटी का कहना है कि विसर्जन की तारीख तय होने और अनुमति मिलने के बाद प्रशासन ने अपना फैसला बदल दिया. दो दिन तक विवाद नहीं सुलझा, तो अब कमेटी मंदिर परिसर के पास ही तालाब खुदवा रही है, ताकि वहां प्रतिमा का विसर्जन किया जा सके.

    यह मामला गोड्डा के प्रसिद्ध काली पीठ का है. यहां पिछले चार साल से दुर्गा पूजा का आयोजन हो रहा है. इसकी जिम्मेदारी वंदना दुबे संभालती हैं. उन्हें पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के हाथों राजीव गांधी मानव सेवा सम्मान मिल चुका है. वह अपने अनाथ आश्रम के जरिए सैकड़ों बच्चों की देखभाल कर चुकी हैं. लेकिन इस बार पूजा खत्म होने के बाद भी उनके पंडाल से मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन नहीं हो पाया है.

    पहले राजकचहरी तालाब की अनुमति, फिर बदला फैसला

    मंदिर कमेटी के मुताबिक, पूजा शुरू होने से करीब एक सप्ताह पहले ही वंदना दुबे ने अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) को आवेदन देकर विसर्जन की अनुमति मांगी थी. आवेदन में विसर्जन का रूट भी बताया गया था. कमेटी का दावा है कि 17 अक्टूबर को राजकचहरी तालाब में विसर्जन की अनुमति दी गई थी. इसके लिए गोताखोरों की तैनाती जैसी तैयारियां भी की गई थीं.

    लेकिन कमेटी के मुताबिक, 18 अक्टूबर को SDM की ओर से नया पत्र जारी कर प्रतिमा को स्थानीय तालाब में विसर्जित करने को कहा गया. कमेटी का सवाल है कि जब प्रशासन को पहले ही प्रतिमा के आकार और रास्ते की परेशानी के बारे में बता दिया गया था, तो समय रहते इसका समाधान क्यों नहीं निकाला गया.

    प्रतिमा बड़ी, रास्ता संकरा, फिर कैसे होगा विसर्जन?

    वंदना दुबे ने अपने आवेदन में बताया था कि इस बार मां दुर्गा की प्रतिमा पहले की तुलना में बड़ी है. राजकचहरी तालाब तक जाने वाला रास्ता काफी संकरा है और वहां पक्की सड़क के बजाय पगडंडी जैसा रास्ता है. पिछले साल प्रतिमा को ठेले से ले जाया गया था, लेकिन इस बार बड़ी प्रतिमा को ले जाने के लिए बड़े वाहन की जरूरत है.

    कमेटी का कहना है कि रास्ता बड़ा वाहन ले जाने के लायक नहीं है. ऐसे में प्रतिमा को तालाब तक पहुंचाना मुश्किल है और रास्ते में उसके खंडित होने का खतरा भी है. इसी वजह से आवेदन में प्रशासन से रास्ते का निरीक्षण करने, वैकल्पिक तालाब तय करने या सड़क की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया गया था.

    कमेटी का आरोप है कि प्रशासन ने मौके पर जाकर रास्ते की स्थिति की जांच किए बिना ही विसर्जन को लेकर निर्देश जारी कर दिए. कमेटी के अनुसार, रास्ता करीब तीन फीट चौड़ा है, जबकि प्रतिमा करीबन 20 फीट बड़ी है. ऐसे में प्रतिमा को वहां से ले जाना व्यावहारिक नहीं है.

    मंदिर कमेटी से जुड़े लोगों ने आरोप लगाया कि विसर्जन को लेकर विवाद के पीछे अधिकारियों का व्यक्तिगत ईगो भी हो सकता है. उनका दावा है कि काली पीठ में इस बार भव्य आयोजन हुआ था और सुरक्षा से लेकर साफ-सफाई तक की व्यवस्था की गई थी. कमेटी के कुछ सदस्यों ने यह भी आशंका जताई कि पूजा आयोजकों की ओर से वरिष्ठ अधिकारियों को व्यक्तिगत निमंत्रण नहीं दिए जाने के कारण नाराजगी हो सकती है.

    विसर्जन की जगह को लेकर विवाद नहीं सुलझने के बाद वंदना दुबे ने मंदिर परिसर के पास ही तालाब खुदवाने का फैसला लिया. कमेटी के मुताबिक, तालाब की खुदाई कराई जा रही है और उसमें पानी भरने की व्यवस्था की जा रही है. अब इसी तालाब में कल मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन करने की तैयारी है.

    भाजपा ने भी प्रशासन के फैसले पर उठाए सवाल

    इस मामले में भाजपा ने भी जिला प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं. पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि पहले राजकचहरी तालाब में विसर्जन की अनुमति देना और फिर उसे वापस लेना दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने आयोजकों को जमीन विवाद के नाम पर परेशान किए जाने की शिकायतों का भी जिक्र किया.

    गोड्डा के कालीपीठ में दुर्गा पूजा विसर्जन को लेकर जिला प्रशासन का रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। पहले राजकचहरी तालाब में विसर्जन की अनुमति देना और फिर उसे वापस लेना, उसके बाद आयोजकों को ज़मीन विवाद के नाम पर बेवजह परेशान करना…आखिर प्रशासन ऐसा क्यों कर रहा है?

    यह संयोग है या किसी दबाव का परिणाम? कुछ दिन पहले नेता प्रतिपक्ष श्री @yourBabulal जी की पूजा आयोजकों के साथ हुई मुलाकात के बाद से जिस तरह आयोजकों को परेशान किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं, उससे कई सवाल खड़े होते हैं।

    आस्था, परंपरा और धार्मिक आयोजनों के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। जिला प्रशासन को अपनी भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए और आयोजकों को अनावश्यक रूप से परेशान करने के बजाय, आपसी समन्वय से शांतिपूर्ण एवं सम्मानजनक विसर्जन सुनिश्चित करना चाहिए।

    — Ajay Sah (@ajaysahspeaks) October 23, 2026

    उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या यह फैसला किसी दबाव का नतीजा है. अजय साह के मुताबिक, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की पूजा आयोजकों से मुलाकात के बाद उन्हें परेशान किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं. उन्होंने प्रशासन से अपनी भूमिका स्पष्ट करने और मंदिर कमेटी के साथ समन्वय बनाकर शांतिपूर्ण तरीके से विसर्जन सुनिश्चित करने की मांग की.

    Also Read : पुलिस दुर्व्यवहार मामले में NHRC सख्त, DGP से मांगी पूरी रिपोर्ट

    Ajay Sah BJP Jharkhand durga puja Durga Puja News Durga Visarjan Controversy Godda Administration Godda Kali Peeth Godda Latest News godda news Jharkhand Breaking News Jharkhand news Maa Durga Visarjan Rajkachahri Pond Temple Committee Vandana Dubey
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleपुलिस दुर्व्यवहार मामले में NHRC सख्त, DGP से मांगी पूरी रिपोर्ट
    Next Article कैसे शुरू हुई राजीव-सोनिया की प्रेम कहानी? 10 नवंबर को किताब में खुलेंगे सारे राज़

    Related Posts

    आदिवासी

    झारखंड : हेमंत सोरेन को मरांग बुरु धर्मगाढ़ और अंतरराष्ट्रीय संताल सरना धर्म सम्मेलन का न्योता

    October 24, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    शहादत की यादें, 24 साल का सफर और पुलिस परिवार का दर्द… सिमडेगा DC कंचन सिंह की कलम से”

    October 24, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    मोदी का नेतृत्व होना हमारे लिए वरदान है, झारखंड में भगवा न लहराना खटकता हैः क्या नितिन नबीन ने झारखंड बीजेपी में भर दी आत्मविश्वास की चाबी?

    October 24, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    झारखंड के रास्ते सुगम होगा बिहार-ओडिशा का सफर: रांची और जमशेदपुर समेत कई रूटों पर बस चलाने की तैयारी, जानें डिटेल्स

    October 24, 2026
    क्राइम

    झारखंड : धनबाद जेल का प्रभार लेने से किया इनकार, बेसरा निशांत रॉबर्ट की वेतनवृद्धि रोकी

    October 24, 2026
    क्राइम

    झारखंड: साहिबगंज में एएसआई को बिजली के खंभे से बांधकर पीटे जाने का वीडियो वायरल, एएसआई निलंबित

    October 24, 2026
    Latest Posts

    झारखंड : हेमंत सोरेन को मरांग बुरु धर्मगाढ़ और अंतरराष्ट्रीय संताल सरना धर्म सम्मेलन का न्योता

    October 24, 2026

    जामिया में छात्रसंघ चुनाव की मांग पर बवाल: टेंट उखाड़े जाने का आरोप, छात्रों और सुरक्षाकर्मियों में टकराव

    October 24, 2026

    शहादत की यादें, 24 साल का सफर और पुलिस परिवार का दर्द… सिमडेगा DC कंचन सिंह की कलम से”

    October 24, 2026

    ओडिशा : आदिवासियों का इलाज करने पहुंचे थे डॉक्टर, हो गई जेल

    October 24, 2026

    बिहार : जदयू ने अनंत सिंह को छह साल के लिए पार्टी से निकाला, नीलम देवी की सदस्यता भी रद्द

    October 24, 2026

    Powered by Feralvoice.

    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.