Johar Live Desk : गोवा नाइट क्लब आग हादसे से जुड़े मामले में आरोपियों गौरव लूथरा और सौरभ लूथरा के संबंध में विदेश मंत्रालय को गोवा सरकार से महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। सूत्रों ने बताया कि मंत्रालय भारत के पासपोर्ट अधिनियम के तहत दोनों के पासपोर्ट रद्द करने के अनुरोध की जांच कर रहा है।
दिल्ली पुलिस ने रोहिणी कोर्ट को बताया था कि आग लगने की घटना के तुरंत बाद दोनों भाई भारत से फरार होकर विदेश चले गए। गोवा की एक अदालत पहले ही उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी कर चुकी है। सरकार ने अदालत में कहा कि आरोपी जानबूझकर जांच से बच रहे हैं और उन्हें किसी तरह की अंतरिम राहत नहीं दी जानी चाहिए।
“भारत लौटने पर गिरफ्तारी का डर” : आरोपियों की दलील
अपने वकील के जरिए गौरव और सौरभ लूथरा ने कोर्ट को बताया कि वे काम से जुड़े कारणों से थाईलैंड गए थे और वापस लौटना चाहते थे, लेकिन भारत आने पर उनकी गिरफ्तारी तय है। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल गोवा में सही अदालत में पेश होने के लिए अस्थायी ट्रांजिट सुरक्षा मांगी है।
दिल्ली कोर्ट ने उठाया अधिकार क्षेत्र का प्रश्न
दिल्ली की अदालत ने बुधवार को ट्रांजिट एंटीसिपेटरी बेल आवेदन पर सुनवाई की और पूछा कि जब आवेदक कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में नहीं है तो यह आवेदन कैसे स्वीकार किया जा सकता है। बचाव पक्ष के वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा और तनवीर अहमद मीर ने दलील दी कि दिल्ली निवासी होने के नाते आरोपी यहां से अंतरिम राहत मांग सकते हैं।
वहीं, राज्य के वकील ने जोर देकर कहा कि दोनों भाई फरार हैं और उनसे जुड़े पूरे मामले – उनके देश छोड़ने, गोवा पुलिस की कार्रवाई, और आगे की जांच पर विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दायर करने के लिए समय मांगा। अदालत ने यह अनुरोध स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई से पहले सभी दस्तावेज रिकॉर्ड पर रखने का निर्देश दिया।
अंतरिम सुरक्षा से इनकार, आज दोपहर फिर सुनवाई
बचाव पक्ष ने गुरुवार तक अस्थायी सुरक्षा मांगी थी, लेकिन राज्य ने गैर-जमानती वारंट का हवाला देते हुए इसका कड़ा विरोध किया। अदालत ने फिलहाल कोई अंतरिम सुरक्षा देने से इनकार किया और मामले की अगली सुनवाई आज दोपहर 12 बजे निर्धारित की है। कोर्ट में राज्य की स्टेटस रिपोर्ट और पुलिस की आपत्तियों पर विचार करने के बाद ट्रांजिट राहत पर फैसला होगा।
पासपोर्ट जब्त करने की आशंका
आरोपियों के वकील का कहना है कि अधिकारियों का इरादा उनके पासपोर्ट जब्त कर एयरपोर्ट पर ही गिरफ्तार करने का था, जबकि उनके मुवक्किल विदेश केवल व्यवसाय से जुड़े काम के लिए गए थे। दोनों भाइयों को गिरफ्तारी का डर है और वे कानूनी प्रक्रिया में सहयोग के लिए सुरक्षा मांग रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी निगरानी
गोवा नाइट क्लब में लगी भीषण आग में 25 लोगों की जान गई थी। हादसे के बाद दोनों आरोपी थाईलैंड भाग गए, जिसके चलते अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां भी अब उन्हें ट्रैक कर रही हैं।
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