Ranchi : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सीएम हेमंत सोरेन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मरांडी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि टेंडर प्रबंधन और कमीशन वसूली की घटनाओं को छोड़कर जेएमएम सरकार सीधे राज्य कोष पर हमला कर रही है।
मरांडी ने यह आरोप सरयू राय के सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला देते हुए लगाया। सरयू राय ने अपनी पोस्ट में लिखा कि झारखंड सरकार के ऊर्जा विभाग की 160 करोड़ रुपये की एफडी लापता हो गई है। यह एफडी केनरा बैंक और एक अन्य बैंक में रखी गई थी। परिपक्वता तिथि आने पर जब अधिकारी बैंक गए तो उन्हें बताया गया कि विभाग की कोई एफडी शेष नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस मामले में औपचारिक जांच कराने की मांग की।
टेंडर मैनेज करने और कमीशन की उगाही में उलझने के बजाय अब @HemantSorenJMM सरकार के ऊर्जा विभाग में सीधे खजाने पर ही डाका डाला जा रहा है।@roysaryu जी, आप दिवंगत सुशील मोदी जी के साथ मिलकर चारा घोटाले का उद्भेदन करने वालों में अग्रणी रहे हैं और लालू प्रसाद यादव के काले कारनामों को… https://t.co/dkXxkY46Tw
— Babulal Marandi (@yourBabulal) February 1, 2026
प्रतिपक्ष नेता ने कहा कि चारा घोटाले में जिस तरह कोषागार से फर्जी निकासी की गई थी, आज वही ऊर्जा विभाग और पेयजल विभाग में हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जेबीवीएनएल के खातों में जमा बिजली बिलों के ब्याज में गबन किया गया, और ऑडिट रिपोर्ट में 21.51 करोड़ रुपये का कोई स्पष्ट लेखा-जोखा नहीं मिल रहा। इसके अलावा, पेयजल विभाग से भी खाते के माध्यम से 23 करोड़ रुपये निकाल लिए गए।
बाबूलाल मरांडी ने सवाल उठाया कि क्या यह संभव है कि इतनी बड़ी रकम की अवैध निकासी सीएम की जानकारी के बिना हो सकती है। यदि उन्हें जानकारी है, तो यह सत्ता संरक्षण में भ्रष्टाचार का मामला है, और यदि जानकारी नहीं है, तो यह सरकार की पूर्ण विफलता को दर्शाता है। मरांडी ने चेतावनी दी कि लालू यादव को उनके कर्मों की सजा मिल चुकी है, लेकिन झारखंड आज भी लूटा जा रहा है। उनका कहना है कि हेमंत सोरेन और उनके संरक्षण में फल-फूल रहे भ्रष्टाचारियों को जनता और कानून के सामने जवाब देना होगा।

