New Delhi : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश किया। यह उनका लगातार नौवां बजट रहा। इस बजट में सरकार ने हाई स्पीड रेल कॉरिडोर, हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल, खेल और डिजिटल सेक्टर समेत कई अहम घोषणाएं की हैं। बजट के बाद अब आम लोगों की नजर इस बात पर है कि कौन-सी चीजें सस्ती होंगी और किन पर खर्च बढ़ेगा।
| सस्ता हुआ | महंगा हुआ |
|---|---|
| मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक्स | विदेशी शराब |
| मोबाइल पार्ट्स और चार्जर | शेयर बाजार में ट्रेडिंग (F&O) |
| इलेक्ट्रिक वाहन (EV) | लग्जरी विदेशी सामान |
| इलेक्ट्रिक टू व्हीलर और बैटरी | आयातित परफ्यूम |
| जेनेरिक और जीवन रक्षक दवाइयां | महंगे कपड़े |
| सोलर पैनल और सोलर लाइट | ब्रांडेड जूते |
| रिन्यूएबल एनर्जी उपकरण | लग्जरी घड़ियां |
| लेदर उत्पाद | खनिज |
| फुटवियर | कोयला |
| बायोगैस और सीएनजी उपकरण | स्क्रैप |
आम लोगों को राहत : ये चीजें होंगी सस्ती
बजट में आम आदमी को कई मोर्चों पर राहत मिली है। जैसे कि…
दवाइयों के दाम घटेंगे
वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि डायबिटीज और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाइयों पर टैक्स में राहत दी जाएगी। इससे इन दवाओं की कीमतें घटेंगी और मरीजों का आर्थिक बोझ कम होगा।
स्मार्टफोन और टैबलेट होंगे सस्ते
मेक-इन-इंडिया को बढ़ावा देने के लिए भारत में बने स्मार्टफोन और टैबलेट पर टैक्स में राहत दी गई है। इससे इन इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की कीमतें घटने की संभावना है और घरेलू विनिर्माण को भी मजबूती मिलेगी।
खेल सामान पर खास फोकस
बजट 2026-27 में खेल इक्विपमेंट को सस्ता बनाने का प्रस्ताव किया गया है। इससे युवाओं और खिलाड़ियों को सीधा फायदा मिलेगा और खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
बजट के बाद सस्ती होने वाली प्रमुख चीजें
- लेदर से बने उत्पाद
- मोबाइल फोन और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) की बैटरी
- माइक्रोवेव ओवन
- कैंसर की 17 दवाएं
- सोलर पैनल
- अल्कोहलिक लिकर स्क्रैप और कुछ मिनरल्स पर TCS 5% से घटाकर 2%
इन चीजों पर बढ़ेगा खर्च
- इनकम टैक्स में गलत जानकारी देने पर टैक्स राशि के बराबर (100%) पेनल्टी
- चल संपत्ति का खुलासा न करने पर जुर्माना
- स्टॉक ऑप्शन और फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स 0.02% से बढ़ाकर 0.05%
कुल मिलाकर
बजट 2026-27 में सरकार ने आम लोगों को राहत देने के साथ-साथ टैक्स नियमों को सख्त बनाने का भी संकेत दिया है। जहां एक ओर दवाइयों, इलेक्ट्रॉनिक्स और खेल सामान के सस्ता होने से लोगों को राहत मिलेगी, वहीं टैक्स नियमों में सख्ती से निवेश और आय की सही जानकारी देने पर जोर दिया गया है।


