रांची, 30 जुलाई: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा-2025 (विज्ञापन संख्या 01/2026) की प्रारंभिक परीक्षा में चयनित एक अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया है.
इस कार्रवाई के बीच JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है, वहीं विपक्षी दल भी सरकार पर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई का दबाव बना रहे हैं.
CID ने चयनित अभ्यर्थी को किया गिरफ्तार
CID के अनुसार थाना कांड संख्या 16/2026 के तहत चल रही जांच के दौरान सुमन सौरभ नामक अभ्यर्थी को हजारीबाग पुलिस की सहायता से गिरफ्तार किया गया। एजेंसी का आरोप है कि उसने अनुचित तरीके से परीक्षा उत्तीर्ण की थी। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
OMR की कार्बन कॉपी नहीं मिली, अपराध स्वीकार करने का दावा
CID के अनुसार, गिरफ्तार अभ्यर्थी के पास से OMR शीट की कार्बन कॉपी बरामद नहीं हुई। हालांकि CID का कहना है कि पूछताछ के दौरान उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है.
जांच जारी, आगे और कार्रवाई के संकेत
CID ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है। जांच के दौरान जो भी साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी। इससे संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां या अन्य बड़े खुलासे हो सकते हैं.
छात्रों का आंदोलन लगातार जारी
इधर JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। वे परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शी जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और अभ्यर्थियों के साथ न्याय की मांग कर रहे हैं। हाल के दिनों में बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर चुके हैं और सरकार से सीधे वार्ता की मांग भी कर रहे हैं.
विपक्ष भी सरकार पर हमलावर
JPSC विवाद को लेकर विपक्षी दलों ने भी राज्य सरकार को घेरना शुरू कर दिया है. विपक्ष का कहना है कि लगातार सामने आ रही गिरफ्तारियां और जांच में हो रहे खुलासे इस बात का संकेत हैं कि मामले की गहन और निष्पक्ष जांच आवश्यक है। विपक्ष सरकार से पूरे प्रकरण की पारदर्शी जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और छात्रों की आशंकाओं का समाधान करने की मांग कर रहा है.
गिरफ्तारी से बढ़ा राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव
CID की इस ताजा कार्रवाई ने JPSC विवाद को नया मोड़ दे दिया है। एक ओर जांच एजेंसी लगातार कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर छात्रों का आंदोलन और विपक्ष का बढ़ता दबाव सरकार के सामने इस पूरे मामले का जल्द और विश्वसनीय समाधान निकालने की चुनौती खड़ी कर रहा है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और सरकार की प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी.
Also Read: झारखंड: CBSE ईस्ट जोन तीरंदाजी में श्रेया उरांव को रजत, अनुष्का तिवारी को कांस्य

