नवरात्रि के छठे दिन मां दुर्गा के छठे स्वरूप माता कात्यायनी की पूजा-अर्चना की जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता कात्यायनी की आराधना से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और शीघ्र विवाह की कामना पूरी होती है. खासकर मनचाहा जीवनसाथी पाने और प्रेम विवाह की इच्छा रखने वाले भक्तों के लिए इस दिन की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है.
मान्यता है कि विधि-विधान से माता की पूजा करने और मंत्रों का जाप करने से वैवाहिक जीवन में सुख, शांति और आपसी सामंजस्य की प्राप्ति होती है.
माता कात्यायनी की पूजा विधि
- स्नान और वस्त्र: सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और पीले या लाल रंग के वस्त्र पहनें.
- पूजा स्थान की सफाई: मंदिर और पूजा स्थल को गंगाजल छिड़ककर शुद्ध करें.
- प्रतिमा स्थापना: लकड़ी की चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर माँ कात्यायनी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें. यदि तस्वीर न हो, तो मां दुर्गा का स्मरण करें.
- षोडशोपचार पूजन: माता को रोली, चंदन, कुमकुम, हल्दी, पीले या लाल फूल और श्रृंगार का सामान अर्पित करें.
- भोग (प्रसाद): मां कात्यायनी को शहद और मूंग दाल के हलवे का भोग लगाएं, क्योंकि शहद इन्हें अत्यंत प्रिय है.
- आरती: विधि-विधान से धूप, दीप जलाकर मां की आरती करें.
माता कात्यायनी के प्रमुख मंत्र
माता कात्यायनी की पूजा के दौरान मंत्रों का जाप विशेष फलदायी माना जाता है. भक्त श्रद्धापूर्वक इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं.
1. वंदना मंत्र
कात्यायनी महामाये, महायोगिन्यधीश्वरी.
नन्दगोपसुतं देवी, पति मे कुरु ते नमः॥
2. बीज मंत्र
ॐ ह्रीं नमः.
3. प्रार्थना मंत्र
चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना.
कात्यायनी शुभं दद्याद्देवी दानवघातिनी॥
माता कात्यायनी की पूजा के लाभ
शीघ्र विवाह की कामना: धार्मिक मान्यता है कि माता कात्यायनी की पूजा करने से विवाह में आ रही बाधाओं और देरी से मुक्ति मिलती है. विवाह योग्य युवक-युवतियां मनचाहा जीवनसाथी पाने की कामना के साथ माता की आराधना करते हैं.
वैवाहिक जीवन में सुख: माता की पूजा से पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास और आपसी सामंजस्य बढ़ने की मान्यता है. भक्त सुखी और शांतिपूर्ण वैवाहिक जीवन के लिए माता से प्रार्थना करते हैं.
मंगल दोष से राहत की कामना: ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, माता कात्यायनी की आराधना कुंडली में मंगल दोष के प्रभाव को कम करने के लिए भी की जाती है.
नवरात्रि का छठा दिन माता कात्यायनी की भक्ति और आराधना को समर्पित है. इस दिन श्रद्धा और विश्वास के साथ पूजा-अर्चना कर भक्त सुखी वैवाहिक जीवन, परिवार की खुशहाली और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए माता का आशीर्वाद मांगते हैं.

