Johar Live Desk : पाकिस्तान के बलूचिस्तान के निर्वासित नेता मीर यार बलोच ने भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को एक खुला पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने भारत और बलूचिस्तान के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों का जिक्र करते हुए दोनों पक्षों के बीच सहयोग बढ़ाने की अपील की। मीर यार बलोच ने बलूचिस्तान के छह करोड़ नागरिकों की ओर से भारत के 140 करोड़ लोगों को नए साल की शुभकामनाएं भी दी।
सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों पर जोर
पत्र में मीर यार बलोच ने भारत और बलूचिस्तान के बीच साझा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का हवाला दिया। उन्होंने हिंगलाज माता मंदिर जैसे पवित्र स्थलों को दोनों देशों की साझा पहचान बताया।
Open letter to Honorable Foreign Minister of #Bharat Shri @DrSJaishankar ji
From,
Baloch Representative,
Republic of Balochistan
State.
The Honorable Dr. S. Jaishankar,
Minister of External Affairs,
Government of Bharat,
South Block, Raisina Hill,
New Delhi – 110011January… https://t.co/WdjaACsG2V pic.twitter.com/IOEusbUsOB
— Mir Yar Baloch (@miryar_baloch) January 1, 2026
ऑपरेशन सिंदूर की सराहना
बलोच नेता ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर की सराहना की और मोदी सरकार की साहसिक कार्रवाई की तारीफ की।
पाकिस्तान और चीन पर चिंता
पत्र में मीर यार बलोच ने बलूचिस्तान में पाकिस्तान के दमन और चीन-पाकिस्तान के बढ़ते गठजोड़ पर चिंता जताई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बलूचिस्तान की स्वतंत्र सेनाओं को मजबूत नहीं किया गया, तो चीन यहाँ अपने सैनिक तैनात कर सकता है। उनका कहना है कि यह भारत और बलूचिस्तान दोनों के लिए भविष्य में खतरा और चुनौती बन सकता है।
भारत से सहयोग की अपील
मीर यार बलोच ने लिखा कि बलूचिस्तान का हर नागरिक भारत के साथ है और अब समय आ गया है कि बलूचिस्तान की संप्रभुता सुनिश्चित की जाए और पाकिस्तान को जड़ से उखाड़ा जाए।
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