Ranchi : बजट सत्र के अंतिम दिन झारखंड विधानसभा में किसानों और धान खरीद से जुड़े मुद्दों पर गहमागहमी रही। अनंत प्रताप देव ने गढ़वा क्षेत्र में धान खरीद के हालात पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अभी तक किसानों से धान की खरीद 50 प्रतिशत भी नहीं हो पाई है। उन्होंने यह भी बताया कि धान खरीद के लिए बायोमेट्रिक में अंगूठा लेने की व्यवस्था नहीं की गई।
मंत्री इरफान अंसारी का जवाब और तंज
मंत्री इरफान अंसारी ने जवाब में कहा कि गढ़वा में सबसे अधिक धान की खरीदारी हुई है। दो लाख क्विंटल के लक्ष्य के मुकाबले 2.5 लाख क्विंटल धान खरीदा गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि धान का शत-प्रतिशत भुगतान किया जाएगा। इसी दौरान उन्होंने हल्के तंज के साथ कहा, “आपके क्षेत्र में किसान कम और नेता ज्यादा हैं।” उन्होंने बताया कि अब तक पूरे राज्य में 60 लाख क्विंटल के लक्ष्य के मुकाबले लगभग 80 प्रतिशत धान की खरीद हो चुकी है।
नए विधायकों को ट्रेनिंग की जरूरत
इरफान अंसारी ने सुझाव दिया कि नए सदस्यों को विशेष ट्रेनिंग दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नए विधायक अक्सर यह नहीं जानते कि कब और कहां बोलना है। कई सदस्य बिना वजह खड़े हो जाते हैं, जिससे सदन में व्यवधान पैदा होता है।
पीडीएस दुकानदारों का कमीशन और सुधार
अमित यादव के सवाल पर मंत्री ने बताया कि पीडीएस दुकानदारों को प्रति किलो डेढ़ रुपये का कमीशन मिलता है। वहीं चीनी, नमक, केरोसिन तेल, चना दाल, धोती और साड़ी पर एक रुपये का कमीशन मिलता है। उन्होंने कहा कि बटखरा का सत्यापन हर दो साल में होता है और अब इलेक्ट्रॉनिक वेटिंग मशीन लगाने की योजना है।
मुआवजा भुगतान पर उठे सवाल और जांच
मथुरा महतो ने ओरमांझी में भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत रैयत को दरकिनार कर दूसरे को चार करोड़ रुपये मुआवजा देने का मामला उठाया। इस पर मंत्री दीपक बिरूआ ने कहा कि एक नोटिस से रैयत का दावा खारिज नहीं किया जा सकता। उन्होंने आश्वस्त किया कि डीसी से वंशावली की सत्यता की दोबारा जांच कराई जाएगी और गलत भुगतान पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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