Dhanbad : धनबाद के केंदुआडीह स्थित राजपूत मोहल्ले में गैस रिसाव की घटना अब भी लोगों के लिए डर का कारण बनी हुई है। 3 दिसंबर को शुरू हुए इस हादसे में अब तक दो महिलाओं की जान जा चुकी है, जबकि कई लोग बीमार हैं। घटना को 13 दिन बीत जाने के बाद भी जहरीली गैस का रिसाव पूरी तरह नहीं रुका है।
जांच में सामने आया है कि यह रिसाव कार्बन मोनोऑक्साइड गैस का है, जो वर्षों से बंद पड़ी केंदुआडीह भूमिगत कोलियरी के 13 और 14 नंबर सिम से निकल रही है। इलाके में गैस का स्तर 300 से 700 पीपीएम तक मापा गया है, जो सामान्य सीमा से कई गुना ज्यादा है। विशेषज्ञों के अनुसार इतनी अधिक मात्रा जानलेवा साबित हो सकती है।
गैस से प्रभावित इलाकों में करीब 40 घरों के लोग दहशत में जी रहे हैं। लोगों को सांस लेने में दिक्कत, सिरदर्द, आंखों में जलन और चक्कर आने जैसी समस्याएं हो रही हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि गैस के कारण जानवरों की मौत के मामले भी सामने आए हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन, बीसीसीएल और मेडिकल टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। पीएमओ तक मामला पहुंचने के बाद कोल इंडिया और केंद्रीय कोयला मंत्रालय की टीमों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के बाद विशेषज्ञों ने साफ किया कि पुरानी भूमिगत खदानों से हो रहे इस तरह के गैस रिसाव को पूरी तरह रोकना संभव नहीं है।
प्रशासन का मानना है कि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर बसाना ही सबसे बेहतर उपाय है। इसके लिए बेलगड़िया टाउनशिप समेत अन्य इलाकों में पुनर्वास की योजना बनाई गई है। हालांकि स्थानीय लोग अभी भी गैस को पूरी तरह बंद करने की मांग कर रहे हैं और पुनर्वास को लेकर असंतोष जता रहे हैं।


