रांची. सेंट्रल यूनिवर्सिटी झारखंड (सीयूजे) के चेरी-मनातू कैंपस में मेस की बढ़ती फीस, खाने की गुणवत्ता और छात्र प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर रविवार को करीब 200 छात्र धरने पर बैठ गए. छात्रों का आरोप है कि लगातार मेस फीस बढ़ाई जा रही है, लेकिन खाने की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ है. छात्रों ने फीस का हिसाब सार्वजनिक करने, गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने और विश्वविद्यालय के निर्णयों में छात्र प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग की है.
छात्रों के मुताबिक ग्रीष्मावकाश 2025 से पहले मेस शुल्क करीब 2,621 रुपये प्रति माह था, जिसमें शाम का स्नैक्स भी शामिल था. इसके बाद शुल्क बढ़कर यूजी हॉस्टल के लिए 3,071 और पीजी व पीएचडी हॉस्टल के लिए 3,377 रुपये हो गया. अब इसे बढ़ाकर 3,800 रुपये प्रतिमाह करने की बात सामने आने का छात्रों ने दावा किया है. छात्रों का सवाल है कि शुल्क बढ़ाने का आधार क्या है और मेस एजेंसी को कितना भुगतान किया जा रहा है.
छात्रों ने कहा कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा. धरने के दौरान वार्डन सुभाष कुमार, एसोसिएट डीएसडब्ल्यू शैलेंद्र कुमार और चीफ प्रॉक्टर अमरेंद्र कुमार ने छात्रों से बातचीत की और मांगों को कुलपति तक पहुंचाने का आश्वासन दिया. हालांकि, छात्रों के अनुसार देर शाम तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया.

इधर, पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड गणित पाठ्यक्रम के दो छात्र मनु कुमार और ऋषि कुमार भी आमरण अनशन पर बैठ गए हैं. दोनों का आरोप है कि कम अटेंडेंस के कारण उन्हें परीक्षा में बैठने से रोका जा रहा है, जबकि उन्होंने बीमारी से संबंधित मेडिकल दस्तावेज जमा किए थे. छात्रों का कहना है कि आंदोलन अधिकार, पारदर्शिता और विश्वविद्यालय के फैसलों में छात्र भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए है.
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