Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    29 Apr, 2026 ♦ 5:55 PM
    • About Us
    • Contact Us
    • Webmail
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube Telegram WhatsApp
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • झारखंड
      • कोडरमा
      • खूंटी
      • गढ़वा
      • गिरिडीह
      • गुमला
      • गोड्डा
      • चतरा
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
      • जामताड़ा
      • दुमका
      • देवघर
      • धनबाद
      • पलामू
      • पाकुड़
      • बोकारो
      • रांची
      • रामगढ
      • लातेहार
      • लोहरदगा
      • सराइकेला-खरसावां
      • साहेबगंज
      • सिमडेगा
      • हजारीबाग
    • राजनीति
    • बिहार
    • कारोबार
    • खेल
    • सेहत
    • अन्य
      • मनोरंजन
      • शिक्षा
      • धर्म/ज्योतिष
    Johar LIVEJohar LIVE
    Home»Uncategorized»भूमि अधिग्रहण के खिलाफ CPIM ने फूंका बिगुल, विशाल प्रदर्शन का किया ऐलान
    Uncategorized

    भूमि अधिग्रहण के खिलाफ CPIM ने फूंका बिगुल, विशाल प्रदर्शन का किया ऐलान

    SahayBy SahayApril 29, 2026Updated:April 29, 2026No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    Dumkla : संताल परगना के जनजातीय क्षेत्रों में कॉरपोरेट और राज्य के गठजोड़ द्वारा किए जा रहे भूमि अधिग्रहण और संवैधानिक अधिकारों के दमन के खिलाफ सीपीआईएम ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। पार्टी के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रभावित गांवों का दौरा करने के बाद प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं और मई के तीसरे सप्ताह में दुमका आयुक्त कार्यालय के घेराव की घोषणा की है।

    सीपीआईएम राज्य सचिव प्रकाश विप्लव के नेतृत्व में दौरे पर गई टीम में राज्य सचिव मंडल सदस्य सुरजीत सिन्हा, राज्य कमेटी सदस्य सुभाष हेम्ब्रम, अमल आज़ाद और जिला सचिव देवी सिंह पहाड़िया शामिल थे। टीम ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि संथाल परगना के गांवों में संवैधानिक ढांचों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

    संवैधानिक कानूनों का उल्लंघन

    प्रतिनिधिमंडल ने पाया कि जिला प्रशासन और एमडीओ (MDO) स्थानीय दलालों के साथ मिलकर वनाधिकार अधिनियम (FRA), पेसा (PESA) और संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम (SPT Act) का खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन कर रहे हैं। बिना ग्राम सभा की अनुमति के जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जो पूरी तरह से असंवैधानिक और अवैध है। इसके अलावा, पीवीटीजी (PVTG) समूहों के लंबित वनाधिकार दावों का निपटारा किए बिना उन्हें जबरन विस्थापित करने की तैयारी की जा रही है।

    ग्राम सभाओं की अनदेखी और जनता में आक्रोश

    सीपीआईएम का आरोप है कि प्रशासन ने पेसा कानून के तहत ग्राम सभाओं की सर्वोच्चता को पूरी तरह दरकिनार कर दिया है। ग्रामीणों को डराने और धमकाने के लिए दबाव की राजनीति की जा रही है। इस दमन के खिलाफ ग्रामीणों ने भी कमर कस ली है।
    आगामी रणनीति और आंदोलन की रूपरेखा

    सीपीआईएम ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन की नई रणनीति तैयार की है:

    प्रभावित गांवों के ग्रामीणों ने स्थानीय प्रधानों को 10 दिनों के भीतर औपचारिक ग्राम सभा बुलाने का अल्टीमेटम दिया है, ताकि वन अधिकार समिति का गठन और नए दावों का पंजीकरण हो सके। ग्राम सभा में लिए गए सभी निर्णयों और प्रस्तावों के दस्तावेजों को राज्यपाल, भारत के राष्ट्रपति और उच्च न्यायालय को साक्ष्य के रूप में भेजा जाएगा। एक विशेष उपसमिति का गठन किया गया है, जो ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने और कानूनी लड़ाई पर नजर रखेगी। मई 2026 के तीसरे सप्ताह में दुमका आयुक्त कार्यालय के समक्ष एक विशाल प्रदर्शन किया जाएगा। इस प्रदर्शन की अंतिम रणनीति 10 मई को होने वाली जिला कमेटी की बैठक में तय की जाएगी।

    अस्तित्व की रक्षा का जन-आंदोलन

    पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आदिवासियों को उनकी पैतृक जमीन से बेदखल करने की साजिश को किसी भी सूरत में सफल नहीं होने दिया जाएगा। प्रकाश विप्लव ने कहा कि यह सिर्फ एक कानूनी लड़ाई नहीं है, बल्कि आदिवासियों के अस्तित्व को बचाने का जन-आंदोलन है। उन्होंने दो टूक कहा कि जब तक अंतिम व्यक्ति का वनाधिकार सुरक्षित नहीं होता, एमडीओ का एक भी पहिया आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा।

    Also Read : गैंगस्टर प्रिंस खान पर शिकंजा, करीबी गुर्गा मेजर 3 दिन की पुलिस रिमांड पर

    CPI(M) Jharkhand Dumka Commissioner office protest Forest Rights Act violation Jharkhand Politics Santhal Pargana land issues Tribal land acquisition Jharkhand Tribal rights protest आदिवासी अधिकार. आदिवासी जमीन अधिग्रहण दुमका न्यूज भूमि अधिग्रहण कानून वनाधिकार अधिनियम संथाल परगना सीपीआईएम आंदोलन सीपीआईएम झारखंड हेमंत सोरेन सरकार
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleरांची में कराटे का महासंग्राम, पहली बार भारतीय सेना के जवान दिखाएंगे दम
    Next Article झारखंड हाईकोर्ट: अधिकारियों ने नहीं लिया ज्यादा HRA, महालेखाकार की रिपोर्ट में सॉफ्टवेयर की चूक

    Related Posts

    झारखंड

    झारखंड में पानी-बिजली संकट: भाजपा का मटका आंदोलन, 6 से 12 मई तक सड़कों पर उतरेगी पार्टी, सरकार को घेरेगी

    April 29, 2026
    झारखंड

    झारखंड: 45 हजार सहायक अध्यापकों को बड़ी राहत, सरकार ने नौकरी सुरक्षित रखने का दिया भरोसा

    April 29, 2026
    गिरिडीह

    मां संतोषी के दरबार पहुंचीं विधायक कल्पना सोरेन, प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में लिया आशीर्वाद

    April 29, 2026
    Latest Posts

    प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के लिए वार्डों में लगेगा कैंप, पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों की सूची देखें

    April 29, 2026

    झारखंड में पानी-बिजली संकट: भाजपा का मटका आंदोलन, 6 से 12 मई तक सड़कों पर उतरेगी पार्टी, सरकार को घेरेगी

    April 29, 2026

    हजारीबाग में पत्रकारों पर हमले का रांची में फूटा गुस्सा, काला पोस्टर लेकर किया विरोध प्रदर्शन

    April 29, 2026

    ट्रांसमिशन लाइन से 15 लाख की तांबे की चोरी का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार

    April 29, 2026

    झारखंड हाईकोर्ट: अधिकारियों ने नहीं लिया ज्यादा HRA, महालेखाकार की रिपोर्ट में सॉफ्टवेयर की चूक

    April 29, 2026

    © 2026 Johar LIVE. Designed by Launching Press. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.