Ranchi : झारखंड उच्च न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रमोद सिंह नामक व्यक्ति के विरुद्ध आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू की है। यह आदेश जस्टिस अरुण कुमार राय की एकल पीठ की ओर से पारित किया गया है। अदालत ने पाया कि प्रमोद सिंह की ओर से किया गया कृत्य न केवल अदालती आदेशों की अवहेलना है, बल्कि न्याय प्रशासन में प्रत्यक्ष हस्तक्षेप और न्यायालय की गरिमा को कम करने का प्रयास है।
अदालत ने प्रथम दृष्टया माना कि आरोपित का आचरण आपराधिक अवमानना की श्रेणी में आता है। आमतौर पर ऐसी कार्यवाही तब शुरू की जाती है, जब कोई व्यक्ति जानबूझकर न्यायालय को अपमानित करता है या न्यायिक प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश करता है। उच्च न्यायालय ने प्रमोद सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और पूछा है कि उनके खिलाफ अवमानना कानून के तहत दंडात्मक कार्यवाही क्यों न की जाए।
दरअसल, रामगढ़ के रहने वाले प्रमोद सिंह पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर न्यायिक प्रक्रिया पर कठोर टिप्पणी कर रहे थे, जिसकी आलोचना भी हो रही थी। इस बीच अदालत ने इस पूरे मामले पर संज्ञान लेकर अवमानना की कार्यवाही शुरू की है।
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