Ranchi : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन सदन की कार्यवाही काफी उत्सुक और बहसों भरी रही। प्रश्नकाल में विपक्ष और सत्ता पक्ष के विधायक राज्य की सुरक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और स्थानीय मुद्दों पर सरकार को कड़ी घेराबंदी करते नजर आए। अब सबकी नजर इस बात पर है कि संबंधित विभागों के मंत्री इन सवालों पर सरकार का क्या पक्ष रखते हैं और क्या ठोस आश्वासन देते हैं।
चयन समितियों में विधायकों की भागीदारी की मांग
सदन में जयराम महतो ने स्टेट एस्टेब्लिशमेंट स्टैंडिंग कमेटी यानी राज्य स्तरीय स्थापना समिति में जनप्रतिनिधियों को शामिल करने की जोरदार मांग की। उनका कहना था कि स्थानांतरण, पदस्थापन और अन्य महत्वपूर्ण फैसलों में पारदर्शिता लाना बेहद जरूरी है। जयराम महतो ने सरकार से पूछा कि क्या इस दिशा में कोई सकारात्मक कदम उठाया जाएगा।
साइबर अपराध और जेलों की सुरक्षा पर चिंता
वरिष्ठ विधायक हेमलाल मुर्मू ने राज्य में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि साइबर ठगी अब विदेशों से जुड़ रही है और विभिन्न जिलों की जेलों से कैदियों के भागने की घटनाएं बढ़ रही हैं। इसके अलावा नशीले पदार्थों की खेती और तस्करी में भी इजाफा हुआ है। हेमलाल मुर्मू ने सरकार से इन मामलों पर कड़ी कार्रवाई और तकनीकी जांच की मांग की।
JPSC/JSSC परीक्षाओं में ‘ब्लैकलिस्टेड’ कंपनी का मामला
विधायक देवेंद्र कुंवर ने कार्मिक प्रशासनिक सुधार विभाग से जुड़े सवाल उठाए। उन्होंने TSR डाटा (TDPL) कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए, जिसमें पेपर लीक, ओएमआर शीट में हेराफेरी और मनी लॉन्ड्रिंग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि 20 मई 2025 को इस कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया गया था, लेकिन अब भी वही परीक्षाएं संचालित कर रही है। देवेंद्र कुंवर ने सरकार से उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
सिमडेगा में वज्रपात सुरक्षा की जरूरत
विधायक भूषण बाड़ा ने सिमडेगा जिले की भौगोलिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए वज्रपात से सुरक्षा की मांग की। उन्होंने बताया कि सिमडेगा में पहाड़ और जंगल ज्यादा होने के कारण हर साल सैकड़ों ग्रामीण और मवेशी वज्रपात की घटनाओं में मौत का शिकार हो जाते हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या संवेदनशील जगहों पर तड़ित चालक लगाने का कोई प्लान है।
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