Simdega : एसीबी रांची की टीम ने बुधवार को सिमडेगा जिले के केरसई प्रखंड स्थित बीआरसीसी कार्यालय में बीपीओ अनिल खलखो को 8 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर एक स्कूल के मिड-डे मील मद की बची रकम के प्रतिवेदन को लेकर रिश्वत मांगने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद एसीबी टीम आरोपी को अपने साथ लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।
15 हजार की मांग, मोलभाव के बाद 8 हजार रुपये पर बनी बात
एसीबी के अनुसार, केरसई थाना क्षेत्र के टैंसेर नवाटोली निवासी रंजीत खाखा ने ब्यूरो में लिखित शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि उनके विद्यालय को मध्याह्न भोजन योजना के तहत अंडा और फलाहार के लिए वर्ष 2025-26 में करीब 1.25 लाख रुपये आवंटित हुए थे। वहीं, पिछले वित्तीय वर्ष की 17,244 रुपये की बची राशि भी इसमें शामिल थी। सभी खर्च के बाद लगभग 33,426 रुपये शेष बचे। इस राशि का प्रतिवेदन जमा करने के लिए जब वह बीआरसीसी कार्यालय पहुंचे तो बीपीओ अनिल खलखो ने प्रतिवेदन देखने के बाद कथित तौर पर कहा कि शेष राशि में से 15 हजार रुपये देने होंगे, नहीं तो उनके खिलाफ वरीय अधिकारियों को कार्रवाई की अनुशंसा कर दी जाएगी। शिकायतकर्ता ने रकम कम करने की बात कही, जिसके बाद आरोपी 8 हजार रुपये लेने पर तैयार हो गया।
एसीबी ने शिकायत की जांच की, फिर बिछाया जाल
रंजीत खाखा रिश्वत देकर काम नहीं कराना चाहते थे। उन्होंने इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, रांची से की। ब्यूरो ने पहले शिकायत का सत्यापन कराया। जांच के दौरान रिश्वत मांगने की बात सही पाई गई। इसके बाद एसीबी रांची थाना में कांड संख्या 12/26 दर्ज करते हुए भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7(ए) के तहत मामला दर्ज किया गया। बुधवार को एसीबी की टीम ने जाल बिछाया और जैसे ही बीपीओ अनिल खलखो ने 8 हजार रुपये रिश्वत के रूप में लिए, टीम ने उन्हें केरसई स्थित बीआरसीसी कार्यालय से रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। एसीबी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी के खिलाफ एसीबी की सख्ती एक बार फिर सामने आई है।
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