Johar Live Desk : गिग वर्कर्स की सुरक्षा और भलाई को ध्यान में रखते हुए Blinkit ने अपने प्लेटफॉर्म से “10 मिनट में डिलीवरी” का दावा हटा दिया है। अब कंपनी का नया टैगलाइन है, “30,000+ प्रोडक्ट्स डिलीवर एट योर डोरस्टेप”। यह बदलाव मंगलवार से लागू हो गया है। कंपनी ने यह कदम अपने डिलीवरी वर्कर्स पर पड़ने वाले दबाव और उनकी सुरक्षा को लेकर उठाया है।
केंद्रीय श्रम मंत्रालय का हस्तक्षेप
केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने Blinkit, Zepto, Swiggy और Swiggy जैसी बड़ी कंपनियों के साथ बैठक कर कहा कि 10 मिनट में डिलीवरी के दावे हटाए जाएं। श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने बताया कि इससे वर्कर्स पर दबाव कम होगा और उनकी सुरक्षा बढ़ेगी। यह कदम गिग इकॉनमी में काम करने वाले कर्मचारियों के हितों की दिशा में सरकार की बढ़ती निगरानी को दर्शाता है।
हड़ताल और दबाव के बाद बदलाव
यह फैसला नववर्ष 2025 की पूर्व संध्या पर हुए गिग वर्कर्स के हड़ताल के बाद आया। वर्कर्स ने बताया था कि अल्ट्रा-फास्ट डिलीवरी उन्हें स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिहाज से जोखिम में डालती है। हड़ताल और मीडिया रिपोर्ट के बाद कंपनियों ने अपनी डिलीवरी नीति पर पुनर्विचार किया।
वर्कर्स के अधिकारों की मांग
AAP सांसद राघव चड्ढा ने संसद में कहा कि गिग वर्कर्स “कष्ट और परेशानी” झेल रहे हैं। उन्होंने सोशल सिक्योरिटी, सही वेतन और सम्मान देने की मांग की। विशेषज्ञों का कहना है कि बहुत तेज डिलीवरी का दबाव अक्सर असुरक्षित परिस्थितियों का कारण बनता है, खासकर बारिश या ठंड जैसे मौसम में।
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