Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • जेपीएससी / जेएसएससी
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    • होम
    • जेपीएससी / जेएसएससी
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Home»झारखंड»एक मुद्दा, दो मंच: रांची में छात्र अलग बैठे, पार्टी अलग – फिर भी लड़ाई एक ही
    झारखंड

    एक मुद्दा, दो मंच: रांची में छात्र अलग बैठे, पार्टी अलग – फिर भी लड़ाई एक ही

    joharlive NetworkBy joharlive NetworkAugust 4, 2026Updated:August 4, 2026No Comments5 Mins Read4
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Devendra Mahto
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचिए तो पहली नज़र में ही एक अजीब तस्वीर दिखती है। एक तरफ हज़ारों की भीड़ में बैठे छात्र, चेहरों पर थकान और आंखों में गुस्सा. दूसरी तरफ, उन्हीं से कुछ दूरी पर एक और मंच, जहां झंडे-बैनर के साथ पार्टी के लोग जमा हैं. नारे वही हैं, मांगें वही हैं, गुस्सा भी वही है. मगर बैठने की जगह अलग-अलग. पूछिए तो छात्र साफ कह देते हैं. “ये हमारी लड़ाई है, इसमें किसी पार्टी की जगह नहीं.

    यही झारखंड की भर्ती परीक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सबसे बड़े आंदोलन की तस्वीर है, जो पिछले करीब एक हफ्ते से रांची की सड़कों को अपनी गिरफ्त में लिए हुए है.

    शुरुआत कहां से हुई

    19 अप्रैल को झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा करवाई थी. रिज़ल्ट जुलाई की शुरुआत में आया, और आते ही एक OMR शीट सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैलने लगी. दावा था कि सुमन सौरव नाम के एक अभ्यर्थी ने महज़ 48 सवालों के जवाब देकर भी परीक्षा पास कर ली. इसी वायरल शीट ने चिंगारी का काम किया, और देखते ही देखते एक छिटपुट शिकायत बड़े जन-आंदोलन में बदल गई.

    दिन-ब-दिन कैसे भड़का गुस्सा

    5 जुलाई : छात्रों ने विरोध की औपचारिक शुरुआत की.

    7 जुलाई : एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मिला और शिकायत दर्ज कराई.

    8 जुलाई : आयोग के खिलाफ पुतला फूंका गया.

    20 जुलाई : छात्र मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिले, सबूत सौंपा. इसके बाद सरकार ने जांच के संकेत दिए.

    25 जुलाई : दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का नीट पेपर लीक आंदोलन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ खत्म हुआ. इस खबर ने झारखंड के छात्रों का मनोबल और बढ़ा दिया.

    29 जुलाई : बापू वाटिका से अल्बर्ट एक्का चौक तक मार्च निकला. छात्रों ने संविधान की प्रस्तावना पढ़ी, राष्ट्रगान गाया, और यहीं से अनिश्चितकालीन सत्याग्रह की शुरुआत हुई.

    31 जुलाई : झारखंड सीआईडी ने जांच आगे बढ़ाते हुए वायरल OMR शीट वाले सुमन सौरव समेत करीब 10 लोगों को गिरफ्तार किया. इन्हें पेपर लीक का सरगना बताया गया.

    2 अगस्त : आंदोलन अपने पांचवें-छठे दिन में पहुंचा. दिल्ली से CJP नेता अभिजीत दीपके और आशुतोष ने फोन पर छात्रों से बात कर समर्थन जताया. उसी दिन JLKM नेता देवेंद्रनाथ महतो ने छात्रों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी. ठीक वैसे ही जैसे सोनम वांगचुक ने जंतर-मंतर पर की थी.

    छात्रों की मांग क्या है

    • 19 अप्रैल की 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा रद्द हो.
    • राज्य की CID जांच से छात्र संतुष्ट नहीं हैं। CBI और ED जैसी केंद्रीय एजेंसियों से स्वतंत्र जांच की मांग है.
    • OMR शीट में “अनअटेम्प्टेड” यानी पांचवां विकल्प जोड़ा जाए, ताकि गलत जवाब भरने की गुंजाइश खत्म हो.
    • परीक्षा के अलग-अलग चरण, प्रीलिम्स और मेंस, अलग-अलग एजेंसियों को सौंपे जाएं, ताकि किसी एक कंपनी का एकाधिकार न बने.
    • समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया और दोषियों को सख्त सज़ा.

    पार्टी और छात्र अलग मंच पर क्यों बैठे

    यहीं से कहानी दिलचस्प मोड़ लेती है. आंदोलन का चेहरा बने देवेंद्रनाथ महतो वर्षों से झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (JSSU) के ज़रिए स्थानीय भर्ती और आरक्षण के मसलों पर सक्रिय रहे हैं, लेकिन साथ ही वे JLKM यानी झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा से भी जुड़े हैं. जैसे ही उन्होंने भूख हड़ताल शुरू की, सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे कि मीडिया उन्हें “छात्र नेता” कहकर पेश कर रहा है, जबकि हकीकत में वे एक राजनीतिक दल के नेता हैं.

    दूसरी ओर, आंदोलन की अगुवाई कर रहे छात्र संगठन. जैसे “JSSC-JPSC भ्रष्टाचार मुक्त अभियान” और “JPSC-JSSC कैंडिडेट्स जस्टिस फोरम”. शुरू से ही यह दोहराते आए हैं कि उनका आंदोलन पूरी तरह गैर-राजनीतिक है. उनकी दलील सीधी है- यह मामला लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है, और अगर इसे किसी पार्टी का बैनर मिल गया तो असली मुद्दा राजनीति के शोर में दब सकता है और आंदोलन की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगेंगे.

    नतीजा यह है कि ज़मीन पर एक अजीब मगर समझ में आने वाली तस्वीर बन गई है. मुद्दा एक, नारे एक, मगर मंच अलग. पार्टी से जुड़े लोग अपने तरीके से समर्थन जता रहे हैं और भरोसा दिला रहे हैं कि वे छात्रों को न्याय दिलाकर रहेंगे, जबकि छात्र दो टूक कह रहे हैं कि यह लड़ाई सिर्फ उनकी है, और आखिर तक वही इसे लड़ेंगे.

    प्रदर्शनकारियों की चेतावनी है कि यह आंदोलन अब सिर्फ रांची तक सीमित नहीं रहेगा. अगर सरकार ने मांगें नहीं मानीं, तो इसे राज्य के सभी 24 जिलों तक फैलाया जाएगा. धरनास्थल पर बैठे ज़्यादातर छात्र किसान परिवारों से आते हैं, और अपने भविष्य को लेकर मायूसी और गुस्से में हैं. पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश तक से लोग खाना, चादर और ज़रूरी सामान भेज रहे हैं, बिल्कुल वैसे ही जैसे दिल्ली के जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान हुआ था.

    राज्य सरकार अभी भी CID जांच पर अड़ी है, जबकि छात्र इससे संतुष्ट नज़र नहीं आते. जब तक कोई ठोस फैसला नहीं आता, रांची की सड़कों पर यह आंदोलन जारी रहने के पूरे आसार हैं.

    Also Read:JPSC प्रोटेस्ट: कितना राजनीतिक, कितना गैर-राजनीतिक?

    14th JPSC dailyupdates Jaipal Singh Munda Stadium JharkhandNews Latest Protest RanchiNews studentprotest Trending trensing
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleछात्र आंदोलन के बीच CM हेमंत सोरेन का बयान, कहा- “सरकार की आंख भी है, नाक भी है, हाथ भी है”
    Next Article झारखंड : शिबू सोरेन की पुण्यतिथि पर भारत रत्न की मांग, बोले रवींद्र नाथ महतो- उनका योगदान अतुलनीय

    Related Posts

    जोहार ब्रेकिंग

    चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठे सवाल, विनोद पांडेय बोले- ‘वन-मैन शो’ बना आयोग

    September 23, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    झारखंड : कौन हैं गजेंद्र सिंह पटेल, जिन्हें भाजपा ने बनाया प्रभारी?

    September 23, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    MMDR कानून पर आर-पार : 26 सितंबर को राजभवन में कांग्रेस का धरना, इरफान बोले- झारखंड के हक की हर कीमत पर होगी रक्षा

    September 23, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    मेघालय: गठबंधन की ही पार्टी को तोड़ दिया और बन गई दूसरी सबसे बड़ी पार्टी

    September 23, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    Bank Strike : हड़ताल से पहले रविवार को खुलेंगे देशभर के बैंक, 27 सितंबर को सामान्य रहेगा कामकाज

    September 23, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    चुनाव आयुक्तों पर मतभेद की खबरों के बीच ज्ञानेश कुमार की सफाई, बोले- ‘सभी फैसले सर्वसम्मति से हुए

    September 23, 2026
    Latest Posts

    चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठे सवाल, विनोद पांडेय बोले- ‘वन-मैन शो’ बना आयोग

    September 23, 2026

    TMC बागी सांसदों की अयोग्यता पर सुप्रीम कोर्ट सख्त : स्पीकर के पास 3 महीने से लंबित मामले को बताया ‘रेड फ्लैग’

    September 23, 2026

    मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्ति मामला : सुप्रीम कोर्ट में जजों की अलग-अलग राय, अब संविधान पीठ करेगी अंतिम फैसला

    September 23, 2026

    झारखंड : कौन हैं गजेंद्र सिंह पटेल, जिन्हें भाजपा ने बनाया प्रभारी?

    September 23, 2026

    MMDR कानून पर आर-पार : 26 सितंबर को राजभवन में कांग्रेस का धरना, इरफान बोले- झारखंड के हक की हर कीमत पर होगी रक्षा

    September 23, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.